22 करोड़ का जुर्माना, CEO को कड़ी चेतावनी...INDIGO पर DGCA की सख्त कार्रवाई
DGCA ने दिसंबर में बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द और विलंबित होने के मामले में इंडिगो एयरलाइन पर 22.2 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. साथ ही सीईओ पीटर एल्बर्स को फ्लाइट ऑपरेशंस और संकट प्रबंधन में लापरवाही को लेकर चेतावनी दी गई है.

नई दिल्ली : डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने दिसंबर महीने में बड़े पैमाने पर उड़ानों के रद्द और देरी के मामले में देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो पर 22.2 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया है. इसके साथ ही एयरलाइन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पीटर एल्बर्स को औपचारिक चेतावनी भी जारी की गई है. एविएशन रेगुलेटर ने इंडिगो के एक वरिष्ठ अधिकारी को मौजूदा ऑपरेशनल जिम्मेदारियों से हटाने का भी निर्देश दिया है. DGCA ने शनिवार को जारी आधिकारिक बयान में यह जानकारी साझा की.
जांच के बाद सामने आईं गंभीर खामियां
ऑपरेशनल मैनेजमेंट पर उठे सवाल
जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार, इस संकट के पीछे कई संरचनात्मक और प्रबंधन संबंधी कमियां जिम्मेदार थीं. रिपोर्ट में कहा गया कि इंडिगो ने अपने ऑपरेशंस का अत्यधिक ‘ओवर-ऑप्टिमाइजेशन’ किया था, जिससे किसी भी आपात स्थिति से निपटने की क्षमता कमजोर हो गई. इसके अलावा रेगुलेटरी तैयारियों में कमी, सॉफ्टवेयर और सिस्टम सपोर्ट में खामियां, कमजोर मैनेजमेंट स्ट्रक्चर और ऑपरेशनल कंट्रोल की कमी भी प्रमुख कारण पाए गए.
वरिष्ठ अधिकारी हटाने का निर्देश
DGCA ने इंडिगो को निर्देश दिया है कि ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट को तत्काल प्रभाव से उनकी वर्तमान ऑपरेशनल जिम्मेदारियों से मुक्त किया जाए. रेगुलेटर का मानना है कि फ्लाइट ऑपरेशंस की निगरानी और संकट प्रबंधन में नेतृत्व स्तर पर गंभीर चूक हुई, जिसके चलते स्थिति और बिगड़ती चली गई.
जुर्माने का पूरा ब्योरा
22.2 करोड़ रुपये के कुल जुर्माने में कई घटक शामिल हैं. DGCA के अनुसार, नियमों का 68 दिनों तक पालन न करने के कारण इंडिगो पर प्रतिदिन 30 लाख रुपये के हिसाब से जुर्माना लगाया गया, जो कुल राशि का बड़ा हिस्सा है. इसके अतिरिक्त, सिस्टम से जुड़ी खामियों और प्रक्रियागत उल्लंघनों के लिए 1.8 करोड़ रुपये का एकमुश्त ‘सिस्टमैटिक पेनल्टी’ भी शामिल की गई है.
यात्रियों के हितों की सुरक्षा पर जोर
DGCA ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और भरोसा सर्वोपरि है. रेगुलेटर ने एयरलाइंस को चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इंडिगो से अपेक्षा की गई है कि वह अपने सिस्टम, मैनेजमेंट और संकट प्रबंधन प्रक्रियाओं को मजबूत करे ताकि दोबारा इस तरह की स्थिति उत्पन्न न हो.


