ED बनाम ममता बनर्जी: सुप्रीम कोर्ट की सख्ती से बंगाल सरकार को झटका
आई-पैक छापेमारी मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी है. ईडी बनाम ममता बनर्जी विवाद में अदालत ने राज्य सरकार की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हुए कई अहम आदेश दिए हैं, जिन्हें ममता सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
नई दिल्ली: आई-पैक छापेमारी मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने माना कि पश्चिम बंगाल सरकार ने केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी के कामकाज में दखल देने की कोशिश की. ईडी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं इस मामले में आरोपी हैं और राज्य के डीजीपी ने सहयोगी भूमिका निभाई. अदालत में यह भी कहा गया कि छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री और पुलिस अधिकारियों द्वारा कार्यालय से फाइलें व दस्तावेज हटाए गए, जो जांच को प्रभावित कर सकते हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने ईडी अधिकारियों पर दर्ज चार एफआईआर की कार्रवाई पर रोक लगा दी और स्पष्ट किया कि राज्य एजेंसियों को केंद्रीय जांच में हस्तक्षेप का कोई अधिकार नहीं है. कोर्ट ने ममता सरकार और बंगाल पुलिस से दो सप्ताह में जवाब मांगा है, साथ ही सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सबूत सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं. यह मामला कानून के शासन और संस्थागत स्वतंत्रता से जुड़ा अहम मुद्दा बन गया है.


