सिक लीव के लिए लोको पायलट को उतारनी पड़ी पैंट! पाइल्स सर्जरी के बाद भी नहीं मिली छुट्टी

लखनऊ रेल मंडल में एक लोको पायलट को पाइल्स सर्जरी के बाद भी बीमार अवकाश न मिलने का मामला सामने आया है. आरोप है कि मेडिकल दस्तावेज दिखाने के बावजूद जब छुट्टी नहीं दी गई, तो कर्मचारी को वरिष्ठ अधिकारी के सामने ऑपरेशन के घाव दिखाने पड़े.घटना का वीडियो वायरल होने के बाद कर्मचारी संगठनों ने इसे अमानवीय करार दिया है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: लखनऊ रेल मंडल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पाइल्स सर्जरी कराने के बावजूद एक लोको पायलट को बीमार अवकाश नहीं मिला. आरोप है कि मेडिकल दस्तावेज दिखाने के बाद भी जब छुट्टी देने से इनकार किया गया, तो कर्मचारी को अपनी स्थिति साबित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारी के सामने कपड़े उतारकर ऑपरेशन के घाव दिखाने पड़े.

घटना का वीडियो रेलवे कर्मचारियों के व्हाट्सएप समूहों में वायरल हो गया है, जिसके बाद कर्मचारी संगठनों ने इसे अमानवीय व्यवहार बताया है. मामले ने रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

पाइल्स सर्जरी के बाद मांगी थी छुट्टी

न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) के नेताओं ने बताया कि लोको पायलट राजेश मीना, जो अनुसूचित जनजाति समुदाय से आते हैं, ने 22 फरवरी को लखनऊ में पाइल्स की सर्जरी कराई थी. उन्हें 22 से 28 फरवरी तक अवकाश दिया गया था.

हालांकि, घाव पूरी तरह ठीक न होने के कारण उन्होंने नियमानुसार रेलवे हेल्थ यूनिट से छुट्टी बढ़ाने का अनुरोध किया. यूनियन के मुताबिक डॉक्टर ने जांच के बाद अवकाश बढ़ाने की आवश्यकता जताई और वरिष्ठ अधिकारियों से ‘सिक मेमो’ लाने को कहा.

मेडिकल दस्तावेज दिखाने के बाद भी नहीं मिली राहत

राजेश मीना ने पहले क्रू कंट्रोलर और फिर चीफ क्रू कंट्रोलर (CCC) रतन कुमार से संपर्क किया. यूनियन का आरोप है कि मीना ने अपने मेडिकल दस्तावेज, लैब रिपोर्ट और ड्रेसिंग तक दिखाई, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अवकाश नहीं दिया गया.

स्थिति से परेशान होकर अंततः उन्होंने अपने ऑपरेशन के घाव दिखाने के लिए वरिष्ठ अधिकारी के सामने कपड़े उतार दिए. बाद में एक यूनियन नेता के हस्तक्षेप के बाद उन्हें आराम के लिए अवकाश प्रदान किया गया.

यूनियन ने बताया 'अमानवीय'

घटना का वीडियो रेलवे कर्मचारियों के व्हाट्सएप समूहों में तेजी से फैल गया. इसके बाद कर्मचारी संगठनों ने प्रशासन के रवैये की कड़ी आलोचना की.

AILRSA के महासचिव के सी जेम्स ने कहा, "यह बेहद शर्मनाक है कि एक लोको पायलट को मेडिकल लीव के लिए इस हद तक जाना पड़ा."

उन्होंने संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

रेलवे प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार

उत्तरी रेलवे के लखनऊ मंडल के डिविजनल रेलवे मैनेजर से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी.

मामला सामने आने के बाद रेलवे कर्मचारियों में नाराजगी देखी जा रही है और प्रशासन से जवाबदेही तय करने की मांग उठ रही है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag