अमेरिका-ईरान तनाव के बीच 84 छात्रों की दुबई से सुरक्षित वापसी, चार्टर्ड फ्लाइट से पहुंचे मुंबई
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच दुबई में फंसे महाराष्ट्र के करीब 160 लोग, जिनमें 84 छात्र शामिल थे, विशेष चार्टर्ड उड़ानों से मुंबई लौटे. युद्ध जैसे हालात के कारण उड़ानें प्रभावित थीं, लेकिन सुरक्षित वापसी से परिवारों ने राहत की सांस ली.

महाराष्ट्र: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने पश्चिम एशिया का माहौल अचानक बदल दिया. इसी अनिश्चित स्थिति के बीच दुबई में फंसे महाराष्ट्र के करीब 160 लोगों ने आखिरकार राहत की सांस ली, जब वे मंगलवार देर रात विशेष चार्टर्ड विमानों से मुंबई पहुंच गए. इनमें 84 छात्र भी शामिल थे, जो पढ़ाई के सिलसिले में दुबई गए थे. हवाई अड्डे पर उतरते ही कई चेहरों पर डर के बाद की राहत साफ नजर आ रही थी.
पुणे स्थित इंदिरा विश्वविद्यालय के अधिकतर छात्र पांच दिन के एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन कार्यक्रम के तहत दुबई में थे. उनके साथ तीन संकाय सदस्य भी गए थे. हालात बिगड़ने के कारण उनकी वापसी टल गई थी. विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लिया और राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से संपर्क किया. इसके बाद दो चार्टर्ड उड़ानों की व्यवस्था की गई, जिनसे सभी को सुरक्षित मुंबई लाया गया.
विश्वविद्यालय के प्रोफेसर चेतन वाकलकर ने बताया कि छात्रों को पिछले सप्ताह ही लौटना था, लेकिन युद्ध जैसे हालात बनने से उनकी यात्रा प्रभावित हो गई. कुलपति अनाघा जोशी के अनुसार, जैसे ही मामले की जानकारी मिली, तुरंत संपर्क स्थापित कर सुरक्षित वापसी की प्रक्रिया शुरू की गई.
डर और चिंता के बीच गुजरे पल
दुबई में फंसे छात्रों ने वहां बिताए तनावपूर्ण क्षणों को याद किया. छात्र निहाल गावस ने बताया कि उन्होंने शहर में धमाके की आवाज सुनी थी, जिससे सभी घबरा गए थे. वहीं निखिल पाटिल ने कहा कि उनके माता-पिता बेहद चिंतित थे. कॉलेज ने लगातार संपर्क बनाए रखा और छात्रों के सुरक्षित होने के वीडियो परिवारों तक भेजे, जिससे उन्हें कुछ राहत मिली.
कोल्हापुर की शकुंतला काशिद, जो अपने बेटों के साथ पहली बार दुबई घूमने गई थीं, ने बताया कि होटल के पास धमाका होने से वे घबरा गई थीं. उन्होंने कहा कि सुरक्षित घर लौट आना ही सबसे बड़ी राहत है. कल्याण के केशव वेखंडे ने भी मदद के लिए आभार जताया.
मुंबई एयरपोर्ट पर स्वागत
मुंबई पहुंचने पर यात्रियों का स्वागत शिवसेना नेताओं ने किया. पार्टी की ओर से आगे की यात्रा के लिए बसों और अन्य वाहनों की व्यवस्था भी की गई, ताकि सभी लोग अपने-अपने शहरों तक सुरक्षित पहुंच सकें. इस दौरान कई परिवार अपने बच्चों से मिलकर भावुक हो गए.
उड़ानों पर असर और सरकारी निगरानी
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि पश्चिम एशिया में बदले हालात के कारण कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं. अब तक हजारों उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं. हालांकि भारतीय एयरलाइंस लगातार फंसे नागरिकों को वापस लाने में जुटी हैं. मंगलवार को भी कई विशेष उड़ानें संचालित की गईं. आने वाले दिनों में और उड़ानें चलाई जाने की योजना है.


