LoC पर सीमा पार से की फायरिंग, पाकिस्तान की नापाक हरकत का भारतीय जवानों ने दिया करारा जवाब

लाइन ऑफ कंट्रोल पर पाकिस्‍तान ने एक बार फिर आंतकियों को भारतीय सीमा में प्रवेश करवाने की नीयत से गोलीबारी की गई. सीमा पार से हुई इस गोलीबारी का जवाब देते हुए सुरक्षाबलों घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया.

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नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर एक बार फिर पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम का उल्लंघन किए जाने की खबर सामने आई है. बताया जा रहा है कि सीमा पार से की गई भारी गोलीबारी की आड़ में आतंकियों को भारतीय सीमा में भेजने की कोशिश की गई. हालांकि, भारतीय सेना की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते यह प्रयास पूरी तरह विफल हो गया. सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी है और संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है.

अधिकारियों के अनुसार, राजौरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की ओर से बिना किसी उकसावे के अचानक फायरिंग शुरू कर दी गई. सीमा पर तैनात भारतीय जवानों ने हालात का तुरंत जवाब दिया और मोर्चा संभाल लिया. दोनों ओर से कुछ समय तक गोलीबारी जारी रही, जो करीब दो घंटे तक चली. इसी दौरान भारतीय सैनिकों को सीमा के पास कुछ संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं. शुरुआती आकलन में यह आशंका जताई गई कि गोलीबारी का उद्देश्य आतंकियों को भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कराने का प्रयास था. सेना ने तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया.

आतंकियों की घुसपैठ की कोशिश विफल

सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से पहले भी कई बार ऐसी रणनीति अपनाई जाती रही है. अक्सर सीमा पार से गोलीबारी कर भारतीय जवानों का ध्यान दूसरी ओर लगाने की कोशिश की जाती है, ताकि उसी दौरान आतंकी घुसपैठ कर सकें. लेकिन भारतीय सेना, सीमा सुरक्षा बल (BSF) और जम्मू-कश्मीर पुलिस इस तरह की गतिविधियों से पूरी तरह सतर्क हैं. तीनों एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ सीमा पर लगातार निगरानी रखती हैं, जिससे ऐसी कोशिशों को समय रहते विफल किया जा सके.

पूरे इलाके में चलाया जा रहा सर्च ऑपरेशन

घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है. सीमा से लगे जंगलों और संवेदनशील इलाकों में जवानों की तैनाती बढ़ा दी गई है. आधुनिक निगरानी उपकरणों और ड्रोन की मदद से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था में कोई ढिलाई नहीं बरती जा रही है.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बड़ी घटना

सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर के बाद नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम उल्लंघन की यह पहली बड़ी घटना मानी जा रही है. इससे पहले कुछ छोटी घटनाएं जरूर सामने आई थीं, लेकिन वे सीमित गोलीबारी तक ही थीं. पिछले वर्ष ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने सीमा पार मौजूद आतंकी ठिकानों और संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की थी. इसके बाद पाकिस्तान की ओर से कई बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया था. खासकर पुंछ और राजौरी सेक्टर में सीमा पार से फायरिंग की घटनाएं सामने आई थीं, जिनमें नागरिक इलाकों को भी निशाना बनाया गया था.

सीमा सुरक्षा पहले से ज्यादा मजबूत

पिछले कुछ वर्षों में भारत ने सीमा सुरक्षा को काफी मजबूत किया है. आधुनिक तकनीक, हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे, थर्मल सेंसर, ड्रोन सर्विलांस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक निगरानी प्रणालियों के जरिए नियंत्रण रेखा पर चौबीसों घंटे नजर रखी जाती है. इन व्यवस्थाओं के कारण संदिग्ध गतिविधियों का समय रहते पता चल जाता है और सुरक्षा बल तुरंत कार्रवाई कर पाते हैं. यही वजह है कि घुसपैठ की अधिकांश कोशिशें शुरुआती चरण में ही विफल हो जाती हैं. First Updated : Sunday, 19 July 2026