FIFA वर्ल्ड कप फाइनल में ट्रंप की बढ़ी मुश्किल, दोस्त नहीं आया, 'दुश्मन' की करनी पड़ेगी मेजबानी
फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में स्पेन और अर्जेंटीना के मुकाबले के साथ वीआईपी बॉक्स में डोनाल्ड ट्रंप और पेद्रो सांचेज की संभावित मुलाकात भी सुर्खियों में है. दोनों नेताओं के पुराने मतभेदों के चलते इस मुलाकात पर दुनिया भर की नजरें टिकी हुई हैं.

नई दिल्ली: फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में जहां मैदान पर स्पेन और अर्जेंटीना की टीमें खिताब के लिए आमने-सामने होंगी, वहीं स्टेडियम के वीआईपी बॉक्स में भी वैश्विक राजनीति से जुड़ा दिलचस्प घटनाक्रम देखने को मिल सकता है. न्यूयॉर्क के मेटलाइफ स्टेडियम में होने वाले इस मुकाबले के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज की मौजूदगी चर्चा का विषय बनी हुई है.
विश्व भर की टिकी नजर
दोनों नेताओं के बीच बीते कुछ वर्षों में कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर मतभेद रहे हैं. रक्षा खर्च, नाटो, मध्य पूर्व और अन्य वैश्विक मामलों पर दोनों अलग-अलग रुख अपनाते रहे हैं. ऐसे में फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर उनकी संभावित मुलाकात को केवल खेल तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे कूटनीतिक नजरिए से भी अहम माना जा रहा है.
क्या स्पेन जीतेगा ट्रॉफी
फाइनल मुकाबला देखने के लिए स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज के साथ स्पेन के राजा फेलिपे षष्ठम, रानी लेतिजिया और शाही परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहेंगे. अगर स्पेन खिताब जीतता है, तो पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान ट्रॉफी सौंपने के मौके पर ट्रंप और स्पेन के प्रतिनिधियों की मौजूदगी विशेष आकर्षण का केंद्र हो सकती है.
राष्ट्रपति जेवियर मिलेई नहीं होंगे शामिल
दूसरी ओर अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई इस ऐतिहासिक मुकाबले में शामिल नहीं होंगे. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने निजी मान्यताओं और अंधविश्वास के चलते न्यूयॉर्क नहीं जाने का फैसला किया है. बताया जा रहा है कि मिलेई का मानना है कि उन्होंने टूर्नामेंट के अब तक के सभी मैच अपने सरकारी आवास पर एक निश्चित स्थान पर बैठकर देखे हैं और टीम को लगातार सफलता मिली है. इसी वजह से वह अपनी यह परंपरा बदलना नहीं चाहते.
फाइनल मुकाबले पर टिकी नजर
रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि मैचों के दौरान वह एक विशेष जैकेट पहनते हैं, जिसे वह अपनी टीम के लिए शुभ मानते हैं. अर्जेंटीना की राजनीति में भी लंबे समय से यह धारणा रही है कि मौजूदा राष्ट्रपति का स्टेडियम में मौजूद रहना टीम के लिए शुभ नहीं माना जाता. ऐसे में इस बार का वर्ल्ड कप फाइनल केवल फुटबॉल लवर्स के लिए ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर नजर रखने वालों के लिए भी खास रहने वाला है. मैदान के भीतर खेल का रोमांच होगा, जबकि मैदान के बाहर दुनिया की निगाहें नेताओं की मौजूदगी और कूटनीतिक संदेशों पर टिकी रहेंगी.


