ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो का रूट हुआ काट-छांट, नमो भारत ने बदल दी पूरी तस्वीर; जानिए कितने स्टेशन का हुआ सफाया

मेट्रो प्रोजेक्ट में एक बड़ा बदलाव हुआ है. ग्रेटर नोएडा वेस्ट रूट पर मेट्रो स्टेशनों की संख्या 11 से घटकर सिर्फ 5 रह गई है. नोएडा एयरपोर्ट के लिए प्रस्तावित नमो भारत रैपिड रेल के कारण यह बदलाव किया गया है.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में मेट्रो प्रोजेक्ट में बड़ा बदलाव हुआ है. अब इस रूट पर मेट्रो स्टेशनों की संख्या 11 से घटकर सिर्फ 5 रह गई है. नोएडा एयरपोर्ट के लिए प्रस्तावित नमो भारत रैपिड रेल के कारण यह बदलाव किया गया है. केंद्र सरकार ने नोएडा मेट्रो रेल निगम को नई डीपीआर बनाने का निर्देश दिया है. उम्मीद है कि इससे परियोजना तेजी से आगे बढ़ेगी और खर्च भी कम होगा.

क्यों बदला गया रूट?

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की आबादी 5.5 लाख से ज्यादा है. यहां के लोग लंबे समय से मेट्रो की राह देख रहे हैं. जनप्रतिनिधियों ने भी कई बार इसकी मांग की थी. पहले प्रस्तावित रूट सेक्टर 51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट होते हुए नॉलेज पार्क-5 तक था.

इसमें 11 स्टेशन बनने थे, लेकिन गाजियाबाद-दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल के साथ नोएडा एयरपोर्ट तक नमो भारत ट्रेन चलाने का प्लान आने के बाद समस्या खड़ी हो गई. दोनों रूट एक-दूसरे के समानांतर हो रहे थे. इसलिए केंद्र ने रूट में बदलाव का फैसला लिया और नई डीपीआर बनाने को कहा.

नए रूट पर कितने स्टेशन?

नए प्रस्ताव के मुताबिक ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो रूट अब 7.5 किलोमीटर लंबा होगा. इसमें पांच स्टेशन बनाए जाएंगे- सेक्टर 61, सेक्टर 70, सेक्टर 122, सेक्टर 123 और किसान चौक के पास सेक्टर 4. इस पर करीब 1050 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. 

नोएडा के अन्य मेट्रो प्रोजेक्ट

नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में दो और मेट्रो रूट को केंद्र सरकार की मंजूरी मिल चुकी है. पहला रूट बोटेनिकल गार्डन से सेक्टर 142 तक है. यह 11.56 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर होगा. इसमें 8 स्टेशन बनेंगे- बोटेनिकल गार्डन, सेक्टर 44, नोएडा ऑफिस, सेक्टर 97, सेक्टर 105, सेक्टर 108, सेक्टर 93 और पंचशील बालक इंटर कॉलेज. इस पर 2254 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

दूसरा छोटा रूट ग्रेनो डिपो से बोड़ाकी तक है. यह सिर्फ 2.5 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें दो स्टेशन- बोड़ाकी और जुनपत गांव बनेंगे. इसकी लागत 416 करोड़ रुपये बताई गई है. बोड़ाकी में रेलवे स्टेशन और कार्गो हब भी विकसित किया जा रहा है.

दोनों रूटों के लिए टेंडर प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है और डिजाइन सर्वे का काम चल रहा है. ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों के लिए यह बदलाव अच्छी खबर साबित हो सकता है. अगर नई डीपीआर को जल्द मंजूरी मिल गई तो मेट्रो का सपना जल्द पूरा हो सकता है. 

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