हेल्थ मिनिस्ट्री का बड़ा आदेश, अब बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेगा खांसी या अन्य बीमारी का सिरप

भारत सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए सभी प्रकार के सिरप को अब प्रिस्क्रिप्शन ड्रग की श्रेणी में रख दिया है. मंगलवार से बिना डॉक्टर की पर्ची के कोई भी सिरप मेडिकल स्टोर से नहीं मिलेगा, जिससे दवाओं के दुरुपयोग पर सख्त नियंत्रण लगाया गया है.

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नई दिल्ली: भारत सरकार ने दवाओं की बिक्री को लेकर बड़ा बदलाव किया है. अब कोई भी सिरप, चाहे वह खांसी का हो या किसी अन्य बीमारी का, बिना डॉक्टर की पर्ची के मेडिकल स्टोर से नहीं मिलेगा. स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे लेकर नया आदेश जारी किया है, जिससे दवाओं की बिक्री पर सख्त नियंत्रण लागू हो गया है.

सरकार का नया नियम लागू

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अब सभी प्रकार के सिरप “प्रिस्क्रिप्शन ड्रग” की श्रेणी में आएंगे. यानी मरीज को किसी भी सिरप की खरीद के लिए रजिस्टर्ड डॉक्टर की लिखित पर्ची दिखाना अनिवार्य होगा. यह नियम मंगलवार से लागू कर दिया गया है.

ड्रग्स रूल्स में बड़ा बदलाव

यह बदलाव “ड्रग्स (फिफ्थ अमेंडमेंट) रूल्स, 2026” के तहत किया गया है, जिसे 9 जून को जारी किया गया था. नए नियमों के अनुसार ड्रग्स रूल्स 1945 की अनुसूची K में बड़ा संशोधन किया गया है. इसमें “सिरप्स” शब्द को हटा दिया गया है, जिससे अब सिरप को भी सामान्य छूट नहीं मिलेगी.

पहले क्या था नियम

पहले कई तरह के सिरप को ओवर-द-काउंटर (OTC) श्रेणी में रखा जाता था, यानी उन्हें बिना पर्ची के भी खरीदा जा सकता था, लेकिन सरकार का मानना है कि इससे गलत उपयोग और दुरुपयोग की संभावना बढ़ रही थी. इसी को देखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है.

क्यों लिया गया फैसला?

सरकार ने बताया कि यह फैसला जनता की सुरक्षा और दवाओं के सही इस्तेमाल को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है. खासकर बच्चों और सामान्य खांसी-ज़ुकाम के सिरप के गलत उपयोग को रोकने के लिए यह नियम जरूरी माना गया.

जनता और मेडिकल सिस्टम पर असर

नए नियम के बाद अब मेडिकल स्टोर केवल डॉक्टर की पर्ची पर ही सिरप दे पाएंगे. इससे दवा बिक्री प्रणाली और अधिक नियंत्रित होगी. हालांकि कुछ लोगों को दवाएं लेने में थोड़ी परेशानी हो सकती है, लेकिन सरकार का कहना है कि यह कदम स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए जरूरी है. First Updated : Tuesday, 16 June 2026