तुरंत कार्रवाई करें...ऑस्ट्रेलिया में महात्मा गांधी की प्रमिता चोरी होने पर भारत का सख्त रुख
ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न इंडियन कम्युनिटी सेंटर के बाहर महात्मा गांधी की भारी-भरकम कांस्य प्रतिमा चोरी होने के बाद भारत ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों से इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया है और तत्काल कार्रवाई की मांग की है.

मेलबर्न: ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न उपनगर रोविल में स्थित ऑस्ट्रेलियन इंडियन कम्युनिटी सेंटर के बाहर महात्मा गांधी की एक भारी-भरकम कांस्य प्रतिमा चोरी हो गई है. यह घटना भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय में गहरा सदमा और चिंता पैदा कर रही है. पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी है, जबकि भारत सरकार ने इसकी कड़ी निंदा की है और ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों से प्रतिमा बरामद करने तथा दोषियों को सजा दिलाने की मांग की है.
घटना की पूरी जानकारी
प्रतिमा की चोरी 12 जनवरी 2026 की आधी रात के आसपास हुई. पुलिस के अनुसार, तीन अज्ञात लोग पावर टूल्स, खासकर एंगल ग्राइंडर का इस्तेमाल कर 426 किलोग्राम वजनी इस कांस्य प्रतिमा को उसके आधार से काटकर ले गए. घटनास्थल पर केवल पैरों का हिस्सा बचा हुआ मिला, जबकि ऊपरी भाग गायब है. विक्टोरिया पुलिस की नॉक्स क्राइम इन्वेस्टिगेशन यूनिट इस मामले की जांच कर रही है. सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा जारी है और स्क्रैप मेटल डीलरों को अलर्ट किया गया है कि वे ऐसी कोई वस्तु बेचने की कोशिश पर नजर रखें. जांचकर्ता इसे लक्षित चोरी मान रहे हैं, क्योंकि प्रतिमा को विशेष उपकरणों से काटा गया.
भारत की कड़ी प्रतिक्रिया
3 फरवरी 2026 को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया को बताया कि भारत इस कृत्य की कड़ी निंदा करता है. उन्होंने कहा कि हम अज्ञात व्यक्तियों द्वारा महात्मा गांधी की प्रतिमा के विध्वंस और हटाने की मजबूती से निंदा करते हैं. भारत ने ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों से इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया है और तत्काल कार्रवाई की मांग की है. प्रतिमा की बरामदगी और अपराधियों को जवाबदेह ठहराना. जायसवाल ने जोर दिया कि यह सिर्फ एक प्रतिमा की चोरी नहीं, बल्कि सांस्कृतिक प्रतीक पर हमला है, जो भारतीय समुदाय के लिए भावनात्मक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है.
प्रतिमा का ऐतिहासिक महत्व
यह कांस्य प्रतिमा भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर), नई दिल्ली द्वारा भेंट की गई थी. इसका उद्घाटन 12 नवंबर 2021 को तत्कालीन ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने किया था. रोविल के भारतीय समुदाय के लिए यह गांधीजी के अहिंसा, शांति और सत्याग्रह के संदेश का जीवंत प्रतीक है. समुदाय के सदस्यों ने इसे अपनी सांस्कृतिक पहचान और भारत-ऑस्ट्रेलिया के मजबूत संबंधों का हिस्सा बताया है. चोरी की इस घटना ने पुरानी यादें ताजा कर दी हैं, जहां पहले भी सांस्कृतिक स्थलों पर तोड़फोड़ की घटनाएं हुई हैं.
समुदाय और पुलिस की अपील
भारतीय-ऑस्ट्रेलियाई समुदाय में इस घटना से गुस्सा और दुख है. कई लोग इसे नस्लीय या सांस्कृतिक पूर्वाग्रह से जोड़ रहे हैं, हालांकि पुलिस अभी मकसद स्पष्ट नहीं बता रही. पुलिस ने जनता से जानकारी देने की अपील की है. यदि कोई व्यक्ति या वाहन संबंधित दिखे, तो तुरंत सूचित करें.


