Jharkhand: 9 नाबालिगों की तस्करी की साजिश नाकाम, गुजरात-तमिलनाडु ले जा रहे बच्चियों को पुलिस ने बचाया

चक्रधरपुर पुलिस ने तस्करों के चंगुल से 4 नाबालिग लड़कों और 5 नाबालिग लड़कियों को बचा लिया है. नौकरी का झांसा देकर गुजरात और तमिलनाडु ले जा रहे इन 9 बच्चों को स्टेशन पर सतर्कता से रेस्क्यू किया गया.

Sonee Srivastav

चक्रधरपुर: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में पुलिस की सतर्कता ने एक बार फिर मासूम बच्चों के भविष्य को अंधेरे से बचाया है. चक्रधरपुर थाना प्रभारी अवधेश कुमार के नेतृत्व में चलाए गए अभियान में 4 नाबालिग लड़कों और 5 नाबालिग लड़कियों को मानव तस्करों के जाल से छुड़ाया गया.

तस्करी की साजिश का खुलासा

मानव तस्कर बच्चों को अच्छी नौकरी का लालच देकर ले जा रहे थे. जानकारी के अनुसार, चार लड़कों को गुजरात और पांच लड़कियों को तमिलनाडु की एक कंपनी में काम पर लगाने के नाम पर ले जाया जा रहा था. चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर सघन जांच के दौरान पुलिस को इन बच्चों पर शक हुआ. तस्करों की पूरी योजना पुलिस की सूझबूझ से धराशायी हो गई.

संयुक्त टीम का सफल अभियान

इस रेस्क्यू ऑपरेशन में चक्रधरपुर थाना, महिला थाना, रेलवे सुरक्षा बल, चाइल्ड हेल्पलाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई, कर्रा सोसायटी फॉर रूरल एक्शन रांची, सीडब्ल्यूसी और डीएलएसए की टीम ने मिलकर काम किया। बाल कल्याण समिति की पदाधिकारी पुनीता तिवारी के निर्देश पर स्टेशन परिसर में विशेष छापेमारी की गई.

पुलिस ने समय पर बच्चों को अपने संरक्षण में ले लिया. सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति के समन्वय से बाल कुंज और छाया बालिका गृह पहुंचा दिया गया. वहां उनकी देखभाल और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है.

अवधेश कुमार की सराहनीय भूमिका

थाना प्रभारी अवधेश कुमार पहले भी कई बार ऐसे अभियानों में सफल रहे हैं. उन्होंने कई नाबालिगों को तस्करों से बचाकर उनके परिवारों तक सुरक्षित पहुंचाया है. उनकी सक्रियता की वजह से स्थानीय लोग पुलिस की काफी तारीफ कर रहे हैं.

बढ़ती मानव तस्करी पर सख्त नजर

जिले में मानव तस्करी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. इसे देखते हुए चक्रधरपुर पुलिस ने रेलवे स्टेशन और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है. गौरतलब है कि एक महीने के अंदर यह तीसरा सफल रेस्क्यू ऑपरेशन है. इससे पहले करीब 17 नाबालिग लड़कियों को भी तस्करों के चंगुल से बचाया जा चुका है.

पुलिस का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए लगातार अभियान चलाए जाएंगे. स्थानीय नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें और तुरंत पुलिस को सूचित करें. यह कार्रवाई न केवल 9 मासूम बच्चों की जिंदगी बचाती है बल्कि समाज को भी जागरूक करती है कि बच्चों की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है.

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