जमशेदपुर: पुलिस की गाड़ी से खींचकर युवक की चाकू से गोदकर हत्या, गुस्से में उबला शहर, CM हेमंत सोरेन का बड़ा एक्शन

झारखंड के जमशेदपुर में एक बार में कथित उत्पीड़न का विरोध करने पर चाकू लगने से गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए।

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जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर से एक वारदात सामने आई है, जिसने पूरे राज्य के कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। क्या आप सोच सकते हैं कि पुलिस आपको अपनी गाड़ी में सुरक्षा के लिए बिठाए और अपराधी पुलिस के सामने ही आपको गाड़ी से खींचकर सरेआम चाकुओं से गोद दें? सुनने में यह किसी क्राइम फिल्म की स्क्रिप्ट लगती है, लेकिन जमशेदपुर के बिष्टुपुर इलाके में यह खौफनाक हकीकत बन चुकी है।

इस घटना में गंभीर रूप से घायल 28 साल के युवक हिमांशु सिंह ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। हिमांशु 'करणी सेना' के सरायकेला-खरसावां जिला कमेटी के अध्यक्ष भी थे। इस मौत के बाद पूरा जमशेदपुर गुस्से की आग में जल रहा है।

क्या हुआ था उस काली रात को?

घटना शनिवार रात की है। बिष्टुपुर इलाके के एक कैफे में विवाद शुरू हुआ। शुरुआती रिपोर्ट्स में कहा गया कि कुछ लड़के वहां लड़कियों से छेड़खानी कर रहे थे, जिसका विरोध हिमांशु और उसके दोस्त प्रत्यूष ने किया। हालांकि, हिमांशु के पिता अरविंद सिंह का कहना है कि वहां दो गुटों में झगड़ा हो रहा था और उनका बेटा सिर्फ बीच-बचाव करने गया था।

विवाद बढ़ा, तो पुलिस को फोन किया गया। पुलिस की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने हिमांशु और प्रत्यूष को सुरक्षित करने के लिए अपनी पीसीआर वैन में बिठा लिया।

पुलिस बनी रही मूकदर्शक, गाड़ी से खींचकर मारा

इसके बाद जो हुआ, वो रोंगटे खड़े कर देने वाला है। बदमाशों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने पुलिस की गाड़ी को घेर लिया। पुलिसवालों के सामने ही बदमाशों ने हिमांशु और प्रत्यूष को गाड़ी से बाहर घसीटा और उन पर चाकु से हमला कर दिया।

हिमांशु के पिता का आरोप है कि जब उनके इकलौते बेटे को सरेआम काटा जा रहा था, तब खाकी वर्दी पहने पुलिसवाले मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रहे थे। सोमवार शाम को इलाज के दौरान हिमांशु की मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त प्रत्यूष अभी भी टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है।

पिता की 3 शर्तें

हिमांशु की मौत की खबर फैलते ही बिष्टुपुर चौराहे पर हड़कंप मच गया। हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। गुस्से से तमतमाए लोगों ने करीब 6 घंटे तक चौराहे को जाम रखा, जिससे पूरे शहर की रफ्तार थम गई। टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया गया।

जब सिटी एसपी ललित मीणा प्रदर्शनकारियों को समझाने पहुंचे, तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। भीड़ ने उनकी गाड़ी पर पथराव कर दिया, जिससे गाड़ी का शीशा टूट गया। हालात को संभालने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

हिमांशु के बेबस पिता ने साफ कह दिया है कि जब तक उनकी 3 मांगें पूरी नहीं होंगी, वो अपने बेटे का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे:

मेरे इकलौते बेटे के हत्यारों को फांसी की सजा मिले।

उन पुलिसवालों पर हत्या का केस दर्ज हो, जिनकी मौजूदगी में यह मर्डर हुआ।

हिमांशु की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए।

दो जिलों के SP सस्पेंड

इस घटना और बढ़ते आक्रोश को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक्शन लिया है। मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम रहने पर:

पूर्वी सिंहभूम के SSP पीयूष पांडेय और सरायकेला-खरसावां की SP निधि द्विवेदी को उनके पद से हटाकर सीधे पुलिस मुख्यालय अटैच कर दिया है।

घटना के वक्त लापरवाही बरतने वाले 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। सीसीटीवी फुटेज की जांच में पुलिस की लापरवाही साफ पकड़ी गई है।

बार मालिक समेत 10 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। सरकार ने बड़े अधिकारियों को खुद जमशेदपुर में कैंप करने का आदेश दिया है।

शुरू हुआ सियासी घमासान

इस घटना ने झारखंड की सियासत में भी उबाल ला दिया है। विपक्ष ने सरकार को आड़े हाथों लिया है। 'जब से जेएमएम (JMM) गठबंधन की सरकार आई है, यह शहर 'अपराध का शहर' बन चुका है। पुलिस सुरक्षा देने के बजाय सिर्फ गाड़ियों की चेकिंग और चालान काटने में व्यस्त है।' – भानु प्रताप शाही, प्रदेश उपाध्यक्ष, BJP

केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने भी सोशल मीडिया पर दुख जताते हुए कहा, 'अगर अपराधी पुलिस की गाड़ी से खींचकर लोगों को मार रहे हैं, तो आम नागरिक की सुरक्षा का क्या भरोसा?' वहीं स्थानीय विधायक सरयू राय ने भी इस पूरी घटना के लिए सीधे तौर पर पुलिस को जिम्मेदार ठहराया है।

एक गंभीर मोड़

एक बूढ़े पिता का इकलौता सहारा छिन गया, एक हंसती-खेलती गृहस्थी उजड़ गई। पुलिस की वैन, जिसे लोग सुरक्षा की गारंटी मानते हैं, वही मौत का जाल बन गई। अब पूरा झारखंड इस सवाल का जवाब ढूंढ रहा है कि क्या वाकई आम जनता की जान इतनी सस्ती है? First Updated : Wednesday, 01 July 2026