झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026: 2 सीटों पर तारीखों का ऐलान, विधानसभा में किसका पलड़ा भारी?
झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव होना है। पहली सीट दिवंगत शिबू सोरन की है जो 2025 से खाली पड़ी है। यह सीट महागठबंधन यानी INDIA ब्लॉक के खाते में मानी जा रही है। दूसरी सीट बीजेपी के दीपक प्रकाश की है। उनका कार्यकाल 21 जून 2026 को खत्म हो रहा है।

रांची: भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम जारी कर दिया है। आयोग के शेड्यूल के मुताबिक 1 जून 2026 को राज्यसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होगी। उम्मीदवार 8 जून तक अपना नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 9 जून को होगी और 11 जून तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। वोटिंग 18 जून 2026 को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगी। उसी दिन शाम 5 बजे से मतगणना शुरू कर दी जाएगी।
किन दो सीटों पर होगा चुनाव
आपको बताते चलें कि झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव होना है। पहली सीट दिवंगत शिबू सोरन की है जो 2025 से खाली पड़ी है। यह सीट महागठबंधन यानी INDIA ब्लॉक के खाते में मानी जा रही है। दूसरी सीट बीजेपी के दीपक प्रकाश की है। उनका कार्यकाल 21 जून 2026 को खत्म हो रहा है। मौजूदा सियासी हालात को देखते हुए NDA और महागठबंधन दोनों ही अपनी अपनी सीट बचाने की रणनीति बना रहे हैं।
विधानसभा में किसका पलड़ा भारी
दरअसल झारखंड विधानसभा की कुल 81 सीटों में सत्तारूढ़ महागठबंधन के पास 56 विधायक हैं। इसमें झारखंड मुक्ति मोर्चा के 34, कांग्रेस के 16, राष्ट्रीय जनता दल के 4 और सीपीआई माले लिबरेशन के 2 विधायक शामिल हैं। वहीं विपक्षी गठबंधन के पास कुल 24 विधायक हैं। इनमें बीजेपी के 21, आजसू का 1, जेडीयू का 1 और लोजपा रामविलास का 1 विधायक है। सदन में 1 निर्दलीय विधायक भी है।
दोनों गठबंधन अपनी सीट बचाने में जुटे
गौरतलब है कि संख्या बल के हिसाब से महागठबंधन के पास एक सीट पक्की मानी जा रही है। शिबू सोरन वाली सीट पर JMM या कांग्रेस से उम्मीदवार उतारा जा सकता है। दूसरी तरफ बीजेपी दीपक प्रकाश वाली सीट को हर हाल में अपने पास रखना चाहेगी। NDA के पास 24 वोट हैं और जीत के लिए पहली वरीयता के करीब 27 वोट चाहिए होते हैं। ऐसे में निर्दलीय विधायक की भूमिका अहम हो सकती है। दोनों खेमे क्रॉस वोटिंग रोकने के लिए अपने विधायकों को एकजुट रखने में लगे हैं।


