ट्विशा शर्मा केस: गिरफ्तारी के बाद पति समर्थ सिंह का बार लाइसेंस हुआ सस्पेंड, जांच में नहीं किया सहयोग!

BCI ने अपने बयान में कहा कि समर्थ जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। उनके खिलाफ दहेज हत्या, क्रूरता और दूसरे अपराधों में FIR दर्ज हो चुकी है। BCI के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने बताया कि श्री समर्थ सिंह, अधिवक्ता, को अगली कार्रवाई तक तत्काल प्रभाव से वकालत करने से निलंबित किया जाता है।

Sachin Hari Legha

भोपाल: बार काउंसिल ऑफ इंडिया यानी BCI ने शुक्रवार, 22 मई 2026 को ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह का बार लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया। काउंसिल का कहना है कि समर्थ पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं। इन आरोपों से वकालत के पेशे की गरिमा और सार्वजनिक छवि पर असर पड़ता है।

जांच में सहयोग न करने का आरोप   

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार BCI ने अपने बयान में कहा कि समर्थ जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। उनके खिलाफ दहेज हत्या, क्रूरता और दूसरे अपराधों में FIR दर्ज हो चुकी है। BCI के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने बताया कि श्री समर्थ सिंह, अधिवक्ता, को अगली कार्रवाई तक तत्काल प्रभाव से वकालत करने से निलंबित किया जाता है।

जबलपुर कोर्ट से हुई गिरफ्तारी   

यह कार्रवाई तब हुई जब पुलिस ने समर्थ को जबलपुर जिला अदालत परिसर से हिरासत में लिया। समर्थ सरेंडर करने के लिए कोर्ट पहुंचे थे। उनके वकील ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को बताया था कि वह सरेंडर को तैयार हैं और अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ले लेंगे।

12 मई से चल रहा था फरार   

दरअसल पेशे से वकील समर्थ सिंह 12 मई से फरार था। उसी दिन ट्विशा की मौत हुई थी। संभावना है कि उसे भोपाल पुलिस को सौंपा जाएगा। बता दें कि समर्थ की मां गिरिबाला सिंह रिटायर्ड जज हैं और फिलहाल भोपाल उपभोक्ता न्यायालय की अध्यक्ष हैं।

दूसरे पोस्टमार्टम का आदेश   

बीते शुक्रवार को हुई सुनवाई में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ट्विशा के परिवार की याचिका पर दूसरी ऑटोप्सी का आदेश दिया। यह पोस्टमार्टम दिल्ली AIIMS के डॉक्टरों की टीम करेगी। कोर्ट ने साफ किया कि पोस्टमार्टम भोपाल में ही होगा। इसके लिए डॉक्टरों को दिल्ली से लाने के लिए स्पेशल विमान का इस्तेमाल किया जाएगा। दिल्ली AIIMS ने कहा है कि वह कोर्ट के पूरे आदेश का इंतजार कर रहा है। आदेश मिलने के बाद ही टीम बनाई जाएगी।

परिवार ने कहा 'न्याय की लड़ाई जारी रहेगी'   

गौरतलब है कि ट्विशा के परिवार ने हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। परिवार ने कहा कि वे 33 साल की ट्विशा को न्याय दिलाने के लिए लड़ाई जारी रखेंगे। ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने मीडिया को बताया कि शुरू से ही हम निष्पक्ष जांच और न्याय के लिए लड़ रहे थे। यह हम सबकी लड़ाई है। ट्विशा के दोस्तों की, उससे जुड़े लोगों की, हम सबकी।

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