झारखंड अलकतरा घोटाला: ठेकेदार को 3 साल की सजा, 6 इंजीनियर बरी

मामला 2009 में दर्ज हुआ था। सीबीआई जांच में सामने आया कि 2005-06 में भुरकुंडा-पतरातू मार्ग के करीब 6 किलोमीटर हिस्से के नवीकरण के दौरान नियमों की अनदेखी की गई।

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रांची: झारखंड के चर्चित अलकतरा घोटाले में रांची की सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने सोमवार को फैसला सुनाया। अदालत ने ठेकेदार झमन प्रसाद को दोषी करार देते हुए 3 साल के सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।  

2005-06 के सड़क निर्माण में हुई थी गड़बड़ी   

मामला 2009 में दर्ज हुआ था। सीबीआई जांच में सामने आया कि 2005-06 में भुरकुंडा-पतरातू मार्ग के करीब 6 किलोमीटर हिस्से के नवीकरण के दौरान नियमों की अनदेखी की गई। नियम के मुताबिक सड़क निर्माण के लिए अलकतरा सरकारी एजेंसी से खरीदना था, लेकिन इसकी खरीद निजी एजेंसी से कर दी गई।  

जांच में प्रक्रिया में अनियमितता पाए जाने के बाद सीबीआई ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इस घोटाले में करीब 20.23 लाख रुपये की हेराफेरी का खुलासा हुआ था।  

सीबीआई ने पेश किए 14 गवाह और दस्तावेज   

मामले में कुल 7 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। सभी ने ट्रायल का सामना किया। सुनवाई के दौरान सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक ने अदालत में 14 गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए।  

साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने ठेकेदार झमन प्रसाद को दोषी माना और सजा सुनाई। वहीं, मामले में नामजद तत्कालीन चार कनीय अभियंता और दो सहायक अभियंता समेत 6 लोगों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।  

बरी हुए 6 इंजीनियर, 5 रिटायर हो चुके हैं   

अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष इन 6 आरोपियों के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त प्रमाण नहीं दे सका। बरी होने वालों में भुनेश्वर महतो भी शामिल हैं, जो अभी गोड्डा पथ प्रमंडल में कनीय अभियंता के पद पर तैनात हैं। बाकी पांच अभियुक्त पहले ही रिटायर हो चुके हैं।  

यह घोटाला झारखंड में सड़क निर्माण से जुड़े भ्रष्टाचार के बड़े मामलों में गिना जाता है। कोर्ट के फैसले के बाद सीबीआई ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।  

फैसले को लेकर स्थानीय स्तर पर मिली-जुली प्रतिक्रिया है। एक तरफ ठेकेदार को सजा मिलने से लोग संतुष्ट हैं, वहीं इतने साल पुराने मामले में सिर्फ एक दोषी करार दिए जाने पर सवाल भी उठ रहे हैं।   First Updated : Monday, 22 June 2026