एक मिनट की देरी और टूट गया सपना? झारखंड में B.Ed परीक्षा में गेट बंद होने पर रोए छात्र, फिर हुआ बवाल

परीक्षा केंद्र के गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और प्रबंधन द्वारा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में अत्यधिक समय लगाने के कारण दर्जनों अभ्यर्थी समय पर पहुंचने के बावजूद परीक्षा देने से वंचित रह गए.

Nidhi Jha
Edited By: Nidhi Jha

झारखंड: झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा परिषद (JCECEB) द्वारा आयोजित बीएड प्रवेश परीक्षा के दौरान रविवार को जमशेदपुर के साकची स्थित ग्रेजुएट कॉलेज परीक्षा केंद्र पर जबरदस्त हंगामा और बवाल देखने को मिला.

क्यों हुआ गेट बंद

परीक्षा केंद्र के गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और प्रबंधन द्वारा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में अत्यधिक समय लगाने के कारण दर्जनों अभ्यर्थी समय पर पहुंचने के बावजूद परीक्षा देने से वंचित रह गए. इस लापरवाही से भड़के छात्र-छात्राओं ने कॉलेज के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर जिला प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया.

 चेकिंग की कछुआ चाल

प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित अभ्यर्थियों के अनुसार परीक्षा शुरू होने का समय सुबह 10:30 बजे तय था. जबकि गेट क्लोजिंग और रिपोर्टिंग का अंतिम समय सुबह 10:15 बजे निर्धारित किया गया था. बड़ी संख्या में छात्र सुबह 10 बजे ही कॉलेज परिसर के बाहर कतारों में खड़े हो गए थे. आरोप है कि केंद्र पर तैनात स्टाफ ने गेट पर एडमिट कार्ड और पहचान पत्रों की जांच इतनी धीमी गति से की कि समय बीतता चला गया. बाहर खड़े छात्र लगातार भीतर प्रवेश देने की गुहार लगाते रहे लेकिन 10:15 बजते ही मुख्य गेट को अचानक लॉक कर दिया गया.

मेन गेट पर चढ़े छात्र

परीक्षा से वंचित किए जाने से नाराज परीक्षार्थियों का गुस्सा फूट पड़ा. कई छात्र और छात्राएं विरोध जताते हुए कॉलेज के लोहे के ऊंचे मुख्य गेट पर चढ़ गए और अंदर जाने की मांग करने लगे. छात्रों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि परीक्षा प्रबंधन ने जानबूझकर कुछ रसूखदार और चुनिंदा छात्रों को अंतिम समय में भी एंट्री दी. जबकि दूर-दराज के गांवों और जिलों से आए गरीब छात्रों को गेट के बाहर ही रोक दिया गया. इस पक्षपातपूर्ण रवैये के कारण केंद्र के बाहर काफी देर तक तीखी बहस और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा.

 जांच की मांग

झारखंड में इस बार बीएड की प्रवेश परीक्षा में लगभग 40 हजार छात्र शामिल हो रहे हैं. परीक्षा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. लेकिन जमशेदपुर के इस केंद्र पर हुई अव्यवस्था ने परीक्षा संचालन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. रोते-बिलखते छात्रों ने कहा कि वे सालों से इस प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे थे और कॉलेज प्रशासन की इस घोर लापरवाही के कारण उनका एक पूरा साल बर्बाद हो जाएगा. पीड़ित छात्रों ने उपायुक्त से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उनके लिए दोबारा परीक्षा आयोजित कराने की मांग की है.

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