Karur stampede: करूर में अभिनेता-राजनेता विजय की रैली के दौरान हुई भगदड़ ने 41 लोगों की जान ले ली और लगभग 60 अन्य घायल हो गए. इस हादसे के बाद TVK के दो नेताओं को पुलिस ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. घटना ने राज्य और देशभर में सुरक्षा व्यवस्थाओं और रैली आयोजनों की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार नेताओं में करूर वेस्ट जिला सचिव वी पी मथियालगन और करूर सेंट्रल जिला सचिव कासी पौनराज शामिल हैं. दोनों पर FIR दर्ज की गई थी और बाद में उन्हें हिरासत में लिया गया. इसके अलावा, TVK के राज्य महासचिव बसी आनंद और उपमहासचिव निर्मल कुमार को भी नामजद किया गया है, लेकिन उन्हें अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है.
अधिकारियों ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिसमें धारा 105 (हत्या का दोष जो हत्या नहीं मानी जाती), धारा 110 (हत्या का प्रयास), धारा 125 (जीवन संकट में डालना) और धारा 223 (आदेश का अवज्ञा करना) शामिल हैं.
तमिलनाडु सरकार ने घटना की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश अरुणा जगदीशन की अध्यक्षता में एक सदस्यीय आयोग का गठन किया है. आयोग भगदड़ के कारणों और परिस्थितियों का पता लगाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.
भाजपा सांसद हेमा मालिनी की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय NDA पैनल करूर पहुंचा और प्रभावित परिवारों से मिला. पैनल रिपोर्ट तैयार कर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपेगा.
हेमा मालिनी ने कहा कि ये देखकर दुख होता है कि 41 लोग, जिनमें 17 महिलाएं और छोटे बच्चे शामिल हैं, अपनी जान गंवा बैठे. ये जांचना जरूरी है कि जिम्मेदार कौन है, आयोजक या प्रशासन. रैली के लिए स्थान केवल 10,000 लोगों को समायोजित कर सकता था, लेकिन लगभग 30,000 लोग वहां पहुंचे. विजय की जिम्मेदारी थी कि इतनी संख्या में लोग इकट्ठा ना हों. मुझे यह भी बताया गया कि उन्होंने दूसरी जगह मांगी थी, लेकिन उन्हें यह संकीर्ण स्थान आवंटित किया गया.
First Updated : Tuesday, 30 September 2025