Kolkata gangrape: कोलकाता के साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज में एक छात्रा के साथ गैंगरेप के सनसनीखेज मामले में नया खुलासा हुआ है. पुलिस के मुताबिक, वारदात के अगले ही दिन मुख्य आरोपी मनोजित मिश्रा मदद की तलाश में अपने प्रभावशाली मेंटर्स के पास पहुंचा था. लेकिन जब हालात की गंभीरता का एहसास हुआ, तो उन्होंने उसे साफ तौर पर पीछे हटने की सलाह दी.
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि मनोजित मिश्रा वारदात के बाद साउथ कोलकाता के कई इलाकों में चक्कर लगाता रहा, ताकि किसी तरह खुद को इस मामले से बचाया जा सके. फिलहाल चारों आरोपी मनोजित मिश्रा, जैब अहमद, प्रमीत मुखर्जी और 55 वर्षीय सुरक्षा गार्ड पिनाकी बनर्जी पुलिस हिरासत में हैं.
जांचकर्ताओं के अनुसार, 25 जून को हुई घटना के ठीक अगले दिन यानी 26 जून को मनोजित मिश्रा ने कई स्थानों का दौरा किया. इनमें रासबिहारी, देशप्रिया पार्क, गरियाहाट, फर्न रोड और बालीगंज स्टेशन रोड जैसे इलाके शामिल हैं. वह इन जगहों पर उन लोगों से मिलने गया जिन्हें वह अपने मेंटर्स मानता था.
मोबाइल टावर डेटा के अनुसार, मनोजित उस दौरान कराया थाने के पास भी गया था. पुलिस ने बताया कि देशप्रिया पार्क में उसने एक प्रभावशाली व्यक्ति से मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन उस व्यक्ति ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे बैक ऑफ यानी पीछे हटने की सलाह दी.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस जघन्य अपराध की साजिश पहले से रची गई थी. कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से यह बात सामने आई है कि मनोजित, जैब और प्रमीत 25 जून से पहले लगातार संपर्क में थे और उन्होंने इस वारदात की योजना पहले ही बना ली थी.
घटना की रात तीनों आरोपियों ने कॉलेज परिसर स्थित सुरक्षा गार्ड के कमरे में पीड़िता के साथ गैंगरेप किया. उस समय गार्ड पिनाकी बनर्जी को बाहर खड़ा रहने का आदेश दिया गया था. अपराध के बाद तीनों ने वहीं शराब पी और गार्ड को चुप रहने की धमकी दी.
उसी रात, अपराध को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपी EM बायपास स्थित एक धाबा में रात का खाना खाने पहुंचे और अगली सुबह अपने-अपने घर लौट गए. First Updated : Sunday, 06 July 2025