Twisha Sharma Death Case: बेल्ट की ताकत जांचने में जुटी CBI, 80 किलो के डमी से दोहराया मौत का पूरा सीन
ट्विशा शर्मा मौत मामले में CBI ने अब सीन रिक्रिएशन शुरु कर दिया है. इस दौरान 80 किलो का डमी पुतला इस्तेमाल किया जा रहा है. इससे यह आकलन किया जा रहा है कि बेल्ट कितना वजन झेल सकती है.

भोपाल: मध्य प्रदेश के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में CBI ने जांच को नया मोड़ देते हुए सीन रिक्रिएशन शुरू कर दिया है. ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को 2 जून तक रिमांड पर लिया गया है. CBI लगातार जांच कर रही है. कदम-कदम पर कुछ न कुछ सुराग सामने आ रहे हैं.
CBI ने शुरू किया सीन रिक्रिएशन
29 मई को CBI टीम समर्थ और गिरिबाला को लेकर उनके घर पहुंची. यहां ट्विशा की मौत वाले कमरे में पूरा घटनाक्रम दोहराया जा रहा है. टीम यह समझने की कोशिश कर रही है कि 12 मई को ट्विशा को फंदे से नीचे कैसे उतारा गया था.
रिक्रिएशन के दौरान ट्विशा के वजन के करीब 80 किलो का डमी पुतला इस्तेमाल किया जा रहा है. CBI इस बात का आकलन कर रही है कि घटना में इस्तेमाल हुई बेल्ट कितना वजन झेल सकती है.
#WATCH | Bhopal | Twisha Sharma death case | As part of CBI's ongoing investigation, the CBI team, along with Twisha's mother-in-law Giribala Singh and husband Samarth Singh, recreate the crime scene at their residence in Bhopal. pic.twitter.com/6N5vaQExXt
— ANI MP/CG/Rajasthan (@ANI_MP_CG_RJ) June 1, 2026
फंदे की गांठ खोलने को लेकर विरोधाभासी बयान
समर्थ सिंह ने पहले बयान में दावा किया था कि उसने ही ट्विशा को फंदे से नीचे उतारा था. वहीं गिरिबाला सिंह पर आरोप है कि उन्होंने जिम्नास्टिक वाली बेल्ट की गांठ खोली थी. CBI अब इन दोनों के बयानों की सच्चाई जांच रही है.
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ट्विशा की लंबाई परिवार द्वारा बताई गई ऊंचाई से अलग बताई गई है. इस वजह से CBI ने दूसरे डमी पुतले का भी इस्तेमाल शुरू कर दिया है ताकि असली घटना को सही तरीके से समझा जा सके.
गिरफ्तारी और हाईकोर्ट का फैसला
ट्विशा की मौत के 16 दिन बाद 28 मई को गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया गया. हाईकोर्ट ने उन्हें पहले दी गई अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी. इसके एक दिन बाद CBI को दोनों आरोपियों की रिमांड मिल गई.
मामले की पृष्ठभूमि
12 मई को ट्विशा शर्मा की मौत हो गई थी. घटना के बाद पति समर्थ सिंह के अचानक लापता होने और बाद में आत्मसमर्पण करने, CCTV फुटेज और गिरिबाला के विवादित बयानों ने पूरे मामले को सुर्खियों में रखा. CBI को जांच सौंपे जाने के बाद पीड़ित परिवार को अब सच्चाई सामने आने और न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है. जांच एजेंसी पूरे मामले की गहन पड़ताल कर रही है.


