Maharashtra heavy rain: महाराष्ट्र पिछले दो महीनों से लगातार हो रही मूसलधार बारिश और बाढ़ की मार झेल रहा है. हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अब तक कम से कम 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 10 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. इन आपदाओं ने राज्यभर में फसलों, घरों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है.
राज्य सरकार ने हालात की गंभीरता को देखते हुए तुरंत राहत और पुनर्वास कार्य शुरू कर दिए हैं. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि अब तक करीब 31.64 लाख किसानों को प्रभावित मानते हुए 2,215 करोड़ रुपये के मुआवजे का ऐलान किया गया है. उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है.
1 जून से अब तक महाराष्ट्र में 996.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 103.57% ज्यादा है. प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, 30 जिलों में 69.95 लाख एकड़ से ज्यादा फसलें नष्ट हो चुकी हैं. सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में नांदेड़ (18.20 लाख एकड़), सोलापुर (9.95 लाख एकड़), यवतमाल (8.56 लाख एकड़) और धाराशिव (8.29 लाख एकड़) शामिल हैं.
बीड़, धाराशिव, अहमदनगर, सोलापुर और परभणी जैसे जिलों में भारी बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है. राज्य के 195 तहसील और 654 राजस्व मंडलों से फसल नुकसान की रिपोर्ट सामने आई है.
कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस ने 2,215 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की. इसमें से 1,829 करोड़ रुपये जिला स्तर पर आवंटित किए जा चुके हैं और अगले 8-10 दिनों में प्रभावित किसानों के बैंक खातों में ये राशि जमा कर दी जाएगी. उन्होंने कहा कि जैसे ही पंचनामा पूरे होते हैं, तुरंत सहायता दी जा रही है. जिला कलेक्टरों को अधिकार दिए गए हैं कि वे मौत, पशुधन हानि और संपत्ति नुकसान पर तत्काल मदद दें. राहत कार्य कहीं भी रुका नहीं है.
स्थिति से निपटने के लिए 17 एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें प्रभावित इलाकों में तैनात की गई हैं. अब तक 27 लोगों को हेलीकॉप्टर से बचाया गया है और कई गांवों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है. प्रशासन ने भोजन, पानी और आश्रय की व्यवस्था की है.
मुख्यमंत्री बुधवार को बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा करेंगे. सभी संरक्षक मंत्रियों को भी अपने-अपने जिलों में जमीनी समीक्षा करने का आदेश दिया गया है. सीएम फडणवीस ने कहा कि केंद्र सरकार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत अग्रिम निधि जारी कर दी है, लेकिन राज्य ने राहत कार्य के लिए केंद्र की प्रतीक्षा नहीं की. उन्होंने स्पष्ट कहा कि केंद्र सहयोग में कमी नहीं करेगा, लेकिन राज्य ने अपना काम पहले ही शुरू कर दिया है.
इसी बीच कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने मांग की है कि राज्य में 'गीला सूखा' घोषित किया जाए. उन्होंने कहा कि किसानों को 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा दिया जाना चाहिए और मौजूदा फसल बीमा योजना से किसानों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है.
First Updated : Wednesday, 24 September 2025