Ola-Uber-Rapido की बाइक टैक्सी पूरी तरह बंद, सरकार ने क्यों लिया बड़ा एक्शन, जानिए वजह
अगर आप भी ओला, उबर और रैपिडो जैसी कंपनियों की बाइक टैक्सी सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए एक बुरी खबर है. सरकार ने इन सभी सेवाओं को बंद कर दिया है.

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में बाइक टैक्सी सेवाओं पर बड़ा संकट आ गया है. राज्य सरकार ने ओला, उबर और रैपिडो जैसी कंपनियों की बाइक टैक्सी सेवाओं पर रोक लगा दी है. इन कंपनियों के अस्थायी लाइसेंस तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिए गए हैं. अब मुंबई समेत पूरे राज्य में इनकी बाइक टैक्सी सेवाएं बंद हो गई हैं. यात्रियों और ड्राइवरों के लिए यह बड़ा झटका है.
सरकार ने क्यों लगाई रोक
सरकार ने इन कंपनियों को सिर्फ इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी चलाने की शर्त पर अस्थायी अनुमति दी थी. मकसद पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षित परिवहन को बढ़ावा देना था, लेकिन आरोप है कि कंपनियों ने इलेक्ट्रिक की जगह पेट्रोल वाली बाइकें चलाई.
यह नियमों का साफ उल्लंघन माना गया. परिवहन विभाग ने जांच में पाया कि कई जगहों पर पेट्रोल बाइकें इस्तेमाल हो रही थी. बार-बार चेतावनी के बावजूद कंपनियां नहीं मानी, इसलिए सख्त कार्रवाई हुई.
एक महीने की मिली थी मोहलत
सरकार ने कंपनियों को जरूरी दस्तावेज जमा करने के लिए पहले एक महीने का समय दिया था, लेकिन समय पर दस्तावेज नहीं आए. परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने कहा कि अब एक और महीने की डेडलाइन दी गई है.
अगर इस दौरान कंपनियां सभी शर्तें पूरी नहीं करती और दस्तावेज जमा नहीं करती, तो उनके लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द हो सकते है. सरकार ने साफ किया है कि आगे सिर्फ इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी को ही अनुमति मिलेगी.
हजारों बाइक टैक्सी प्रभावित हुए
इस फैसले से हजारों बाइक टैक्सी ड्राइवर प्रभावित हुए हैं. उनकी रोजी-रोटी पर खतरा मंडरा रहा है. यात्रियों को भी सस्ती और तेज सेवा नहीं मिल पा रही. मुंबई जैसे व्यस्त शहर में बाइक टैक्सी बहुत लोकप्रिय थी.
अब लोग कैब या ऑटो पर निर्भर होंगे, जिससे खर्च बढ़ सकता है. सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर पेट्रोल बाइक टैक्सी चलती पाई गई तो ड्राइवर के साथ बाइक मालिक पर भी केस दर्ज होगा और बाइक जब्त की जाएगी.
भविष्य में कब शुरू हो सकती है सेवाएं?
सेवाएं तभी शुरू हो सकती है जब कंपनियां पूरी तरह नियमों का पालन करें और इलेक्ट्रिक बाइके ही इस्तेमाल करें. सरकार का फोकस ईको-फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट और सुरक्षा पर है. अगर कंपनियां जल्द दस्तावेज जमा कर लेती हैं और शर्तें मान लेती हैं, तो कुछ महीनों में सेवाएं बहाल हो सकती है, लेकिन फिलहाल कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है.


