नाजिया खान ने लेंसकार्ट शोरूम में कर्मचारियों को लगाया तिलक, ड्रेस कोड पॉलिसी पर उठ रहे सवाल
लेंसकार्ट के नए ड्रेस कोड नियमों को लेकर विवाद बढ़ गया है. सोशल मीडिया पर गाइडलाइन वायरल होने के बाद लोग इसे भेदभावपूर्ण बता रहे हैं, वहीं एक वायरल वीडियो ने इस मुद्दे को और गरमा दिया है.

मशहूर आईवियर ब्रांड लेंसकार्ट इन दिनों अपने नए ड्रेस कोड नियमों को लेकर विवादों में घिर गया है. कंपनी की एक गाइडलाइन सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. मामला तब और गरम हो गया जब एक सामाजिक कार्यकर्ता ने स्टोर पहुंचकर विरोध जताया. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो वायरल होने के बाद बहस तेज हो गई है और कई लोग इसे भेदभावपूर्ण बता रहे हैं.
विवाद उस समय बढ़ गया जब सामाजिक कार्यकर्ता नाजिया खान लेंसकार्ट के एक शोरूम में पहुंचीं और उन्होंने कर्मचारियों के साथ विरोध प्रदर्शन किया. वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि उन्होंने स्टोर में मौजूद कर्मचारियों के माथे पर भगवा तिलक लगाया और स्टोर मैनेजर से तीखे सवाल किए. उन्होंने पूछा कि क्या इस तरह के नियमों के जरिए देश में धार्मिक नियम लागू करने की कोशिश की जा रही है. इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर बहस और तेज हो गई.
मुंबई में BJP नेता नाजिया इलाही खान ने एक Lenskart शोरूम में हिंदू कर्मचारियों को तिलक लगाया और कलावा बांधा।
इस दौरान उन्होंने शोरूम के मैनेजर मोहसिन खान से बहस भी की। pic.twitter.com/HfvWxTWh8I— Gajanan Lokhande (@lok62678) April 20, 2026
ड्रेस कोड में क्या हैं नए नियम
लेंसकार्ट की एक आंतरिक गाइडलाइन लीक होने के बाद यह विवाद शुरू हुआ. इस गाइडलाइन के अनुसार, कर्मचारियों के लिए कुछ खास नियम तय किए गए हैं. बताया जा रहा है कि कर्मचारियों को तिलक लगाने, जनेऊ पहनने या बिंदी लगाने की अनुमति नहीं है. इसके अलावा, शादीशुदा महिलाओं को भी बहुत कम मात्रा में सिंदूर लगाने का निर्देश दिया गया है. इन नियमों को लेकर कई लोग सवाल उठा रहे हैं और इसे धार्मिक स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं.
धार्मिक प्रतीकों को लेकर विवाद
सबसे ज्यादा विवाद इस बात को लेकर हो रहा है कि जहां कुछ धार्मिक प्रतीकों पर रोक लगाई गई है, वहीं कुछ अन्य प्रतीकों को अनुमति दी गई है. रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्मचारियों को हिजाब पहनने की इजाजत है, लेकिन उसका रंग काला होना चाहिए. इसी तरह पगड़ी पहनने की अनुमति भी है, लेकिन उसके लिए भी काले रंग की शर्त रखी गई है. इसी असमानता को लेकर लोगों ने कंपनी पर एक विशेष धर्म को निशाना बनाने का आरोप लगाया है.
सोशल मीडिया पर बढ़ा विरोध
गाइडलाइन सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कंपनी के खिलाफ विरोध तेज हो गया है. कई यूजर्स ने इसे अनुचित बताते हुए कंपनी के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है. लोगों का कहना है कि सभी धर्मों के प्रतीकों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए, और किसी एक समुदाय को अलग तरीके से देखना सही नहीं है.
स्टाइल गाइड में अन्य नियम
कंपनी की स्टाइल गाइड में कई अन्य निर्देश भी शामिल हैं. इसमें लिखा है कि हिजाब और पगड़ी का रंग तय होगा और वह कंपनी के लोगो को ढकना नहीं चाहिए. इसके अलावा, तिलक, बिंदी, स्टिकर और मेहंदी लगाने पर भी सख्त नियम बनाए गए हैं. मेहंदी केवल विशेष अवसरों पर सीमित समय के लिए ही लगाई जा सकती है, वह भी अनुमति मिलने के बाद. अन्य नियमों में कर्मचारियों को टोपी या हैट न पहनने, बालों को ठीक रखने और टैटू छिपाने जैसे निर्देश भी दिए गए हैं.


