ठाणे की सोसायटी में बकरीद से पहले जमकर विरोध, सुअर लेकर पहुंचे प्रदर्शनकारी, पुलिस ने संभाला मोर्चा
बकरीद से पहले मीरा रोड की एक हाउसिंग सोसायटी में बकरों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सांप्रदायिक तनाव में बदल गया है. इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है.

ठाणे: महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा रोड इलाके में बकरीद से पहले माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया है. पूनम क्लस्टर हाउसिंग सोसायटी में बीते दो दिनों से लगातार विवाद और विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं. स्थिति इतनी संवेदनशील हो गई कि इलाके में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा. प्रशासन ने किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए सख्त निगरानी शुरू कर दी है. फिलहाल सोसायटी और आसपास के इलाके में पुलिस लगातार गश्त कर रही है ताकि त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके.
जानकारी के मुताबिक, पूरा मामला तब शुरू हुआ जब सृष्टि कॉम्प्लेक्स परिसर में बकरीद के लिए लाए गए बकरों को रखने हेतु एक अस्थायी शेड बनाया गया. कुछ स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों ने इसका विरोध किया. विरोध बढ़ने के बाद संबंधित ढांचे को हटा दिया गया, लेकिन मामला वहीं शांत नहीं हुआ. अगले दिन मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ गया.
सोसायटी में बढ़ाई गई सुरक्षा
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने करीब 200 पुलिसकर्मियों की तैनाती की है. अधिकारियों ने सभाओं, नारेबाजी और किसी भी प्रकार की उकसावे वाली गतिविधियों पर रोक लगा दी है. पुलिस लगातार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रही है. मंगलवार रात नगर निगम की मदद से सोसायटी परिसर से 51 बकरियों को हटाया गया. अधिकारियों का कहना है कि यह कदम केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है.
सुअर को परिसर के अंदर ले जाने की कोशिश
मंगलवार को सोसायटी के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हुए. प्रदर्शन के दौरान नारे लगाए गए और हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया. इसी बीच माहौल उस समय और तनावपूर्ण हो गया जब कुछ प्रदर्शनकारी कथित तौर पर एक सुअर को परिसर के अंदर ले जाने की कोशिश करने लगे. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पुलिसकर्मी एक छोटे सुअर को लेकर भीड़ से बचते नजर आए. कुछ लोग उसे पकड़ने की कोशिश करते दिखे. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह “वराह पूजा” के लिए लाया गया था. हालांकि धार्मिक जानकारों का कहना है कि वराह पूजा मुख्य रूप से वराह जयंती के अवसर पर की जाती है.
A policeman saved a pig at Mira road, Thane while protesters were trying to bring pigs near a housing society as retaliation, leaders openly saying “we will answer goats with pigs”, this is what India is being reduced to.
— yash saghal (@YSaghal) May 26, 2026
Animals are being turned into tools for communal… pic.twitter.com/RdORIQ9ijc
हाई अलर्ट पर प्रशासन
मामले में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के बाद तनाव और बढ़ गया. स्थानीय लोगों का दावा है कि कुछ कार्यकर्ताओं पर धारदार हथियार से हमला भी किया गया. हालांकि पुलिस ने अभी तक इस मामले पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है. पूरे दिन पुलिस बल इलाके में तैनात रहा और भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश करता रहा. अधिकारी लगातार दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं.
फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हैं. अधिकारियों का कहना है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी. सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है. प्रशासन की कोशिश है कि त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो और किसी भी तरह का सांप्रदायिक तनाव आगे न बढ़े.


