वीरता पुरस्कार विजेता सैनिकों को सरकार बड़ा तोहफा, माता-पिता और पत्नी सहित AC ट्रेन यात्रा आजीवन फ्री
भारत सरकार ने सेना, नौसेना और वायुसेना के वीरता पदक विजेताओं के लिए खुशखबरी दी है. अब उन्हें और उनके परिवार के पात्र सदस्यों को भारतीय रेलवे में आजीवन फ्री यात्रा की सुविधा मिलेगी. यह फर्स्ट क्लास, 2AC और एसी चेयर कार में एक साथी के साथ उपलब्ध होगी.

केंद्र सरकार ने भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना के वीरता पदक विजेताओं के सम्मान में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. गुरुवार को जारी सरकारी आदेश के अनुसार, अब सेना मेडल, नौ सेना मेडल और वायु सेना मेडल से सम्मानित वीरों को भारतीय रेलवे में आजीवन मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी.
इस नई योजना के तहत न केवल पदक विजेता, बल्कि उनके जीवनसाथी भी इस लाभ के पात्र होंगे. यदि पदक विजेता अविवाहित थे और शहीद हो गए हैं, तो उनके माता-पिता को यह सुविधा मिलेगी.
The Government of India has issued an order to grant railway concession in the form of complimentary lifelong free travel in First Class/ 2 AC / AC Chair Car, along with one companion in trains of Indian Railways to the awardees of Sana/Nau Sena/Vayu Sena Medal gallantry… pic.twitter.com/JJXowv7rSR
— ANI (@ANI) March 26, 2026
मुफ्त यात्रा सुविधा
इस नई योजना के तहत, पदक विजेता अपने साथ एक सहायक को भी ले जा सकेंगे. यह यात्रा सुविधा रेलवे की प्रीमियम श्रेणियों जैसे फर्स्ट क्लास, सेकंड एसी और एसी चेयर कार में मान्य होगी.
पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के लिए रोजगार के नए अवसर
पदक विजेताओं के सम्मान के साथ-साथ, सरकार ने सेवानिवृत्त सैनिकों और अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए भी ठोस कदम उठाए हैं. भारतीय रेलवे और भारतीय सेना ने एक 'सहयोग ढांचे' पर हस्ताक्षर किए हैं. इसका मुख्य उद्देश्य सेना से रिटायर होने वाले जवानों को नागरिक जीवन में बेहतर करियर विकल्प प्रदान करना है.
रेलवे में आरक्षण
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रेलवे ने अपनी भर्ती नीति में पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण का विशेष प्रावधान किया है:-
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लेवल-1 (ग्रुप डी) पदों में: 20% आरक्षण.
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लेवल-2 और उससे ऊपर के पदों में: 10% आरक्षण.
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अग्निवीरों के लिए: लेवल-1 में 10% और लेवल-2 में 5% आरक्षण का प्रावधान किया गया है.
अनुबंध पर तत्काल भर्ती की पहल
रेलवे में खाली पदों को जल्द भरने के लिए मंत्रालय ने एक नई पहल की है. जब तक नियमित भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक पूर्व सैनिकों को 'पॉइंट्समैन' के पदों पर अनुबंध के आधार पर नियुक्त किया जा रहा है. वर्तमान में 5,000 से अधिक पदों पर यह प्रक्रिया जारी है और 9 रेलवे डिवीजनों ने इसके लिए सेना के साथ समझौता भी कर लिया है.
राष्ट्र निर्माण में साझा योगदान
भारतीय रेलवे और सेना का यह तालमेल केवल नौकरियों तक सीमित नहीं है. रणनीतिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, जैसे 'डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर' और 'उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक' ने सेना की आवाजाही को और भी सुगम बना दिया है. इसके अलावा, 'गति शक्ति विश्वविद्यालय' के माध्यम से सैनिकों के कौशल विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है.


