ED की रेड के बाद ममता का कदम, हाईकोर्ट में केस और सड़कों पर TMC

ईडी की I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर रेड के दौरान ममता बनर्जी के मौके पर पहुंचने और दस्तावेज ले जाने से पश्चिम बंगाल में बड़ा सियासी विवाद खड़ा हो गया. ईडी ने इस मामले में हाईकोर्ट का रुख किया है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

कोयला घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में राज्य की राजनीति उस वक्त गरमा गई, जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और कार्यालय पर छापेमारी की. इस कार्रवाई के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मौके पर पहुंचने और दस्तावेज अपने साथ ले जाने को लेकर राज्य में बड़ा सियासी विवाद खड़ा हो गया है. ईडी की रेड की खबर मिलते ही ममता बनर्जी अपने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पहले प्रतीक जैन के घर पहुंचीं और फिर साल्ट लेक स्थित I-PAC कार्यालय गईं. इस दौरान उन्होंने ईडी और बीजेपी पर तीखा हमला बोला.

राज्य में विरोध प्रदर्शन का ऐलान 

मुख्यमंत्री को हाथ में फाइल और लैपटॉप लिए कार्यालय से बाहर निकलते देखा गया. ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसी की इस कार्रवाई के जरिए तृणमूल कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति चुराने की कोशिश की गई है. उन्होंने ईडी की रेड को अलोकतांत्रिक बताते हुए इसके पीछे बीजेपी की साजिश होने का दावा किया. ममता के इस कदम के बाद तृणमूल कांग्रेस ने गुरुवार शाम पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया. पार्टी ने कहा कि शुक्रवार को खुद मुख्यमंत्री कोलकाता में ईडी की कार्रवाई के खिलाफ जुलूस निकालेंगी.

दूसरी ओर, ईडी ने ममता बनर्जी द्वारा दस्तावेज और डिजिटल सबूत ले जाने के आरोप में कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है. एजेंसी का कहना है कि सर्च ऑपरेशन के दौरान संवैधानिक पद का गलत इस्तेमाल करते हुए फाइलें और लैपटॉप जबरन ले जाए गए. ईडी ने इस संबंध में हाईकोर्ट में मामला दर्ज कराया है, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई होने की संभावना है. इसी बीच I-PAC ने भी ईडी की रेड को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है.

ईडी के मुताबिक, गुरुवार सुबह पश्चिम बंगाल में छह और दिल्ली में चार स्थानों पर गैर-कानूनी कोयला तस्करी मामले में तलाशी ली जा रही थी. यह कार्रवाई अनूप माजी से जुड़े कोयला तस्करी सिंडिकेट और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को लेकर की जा रही थी. एजेंसी ने साफ किया कि सर्च ऑपरेशन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था और इसका किसी राजनीतिक दल या चुनाव से कोई संबंध नहीं है.

ईडी ने क्या कहा?

ईडी ने यह भी कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई और किसी पार्टी कार्यालय को निशाना नहीं बनाया गया. वहीं, ममता बनर्जी साल्ट लेक स्थित I-PAC कार्यालय में करीब पौने चार घंटे तक मौजूद रही.  प्रतीक जैन के वहां पहुंचने के बाद ही वह बाहर निकलीं और एक बार फिर बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए.

इस पूरे घटनाक्रम के बाद तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता राज्यभर में ईडी के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं. कोलकाता समेत कई जिलों में विरोध प्रदर्शन जारी हैं, जिससे पश्चिम बंगाल का सियासी माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया है.

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