गुजरात में पकड़ा गया वो शख्स जिसने BSF-IAF की गुप्त जानकारी सीधे पाकिस्तान भेजीं!

गुजरात ATS ने एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है जिसने BSF और भारतीय वायु सेना की बेहद गोपनीय जानकारी सीधे पाकिस्तान भेजी. कैसे हुई ये चोरी और किस तरह ये जासूसी का नेटवर्क काम करता था, जानने के लिए पूरी खबर पढ़ना जरूरी है!

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Edited By: Aprajita

Gujarat: गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) और भारतीय वायु सेना (IAF) से जुड़ी संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान के साथ साझा करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. यह मामला देश की सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर है. आरोपी कच्छ का बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता है जिसने अपनी पहुंच का दुरुपयोग कर ऐसी जानकारियां विदेश में भेजीं.

ATS की बड़ी कामयाबी

गुजरात ATS के वरिष्ठ अधिकारी सिद्धार्थ ने बताया कि सहदेव सिंह गोहिल नामक इस व्यक्ति को कच्छ से गिरफ्तार किया गया है. उन्हें सूचना मिली थी कि वह BSF और IAF की नई या निर्माणाधीन जगहों से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान की तरफ भेज रहा था.

आरोपी ने WhatsApp पर पाकिस्तानी एजेंट से की थी बातचीत

जांच में सामने आया कि जून-जुलाई 2023 में सहदेव ने WhatsApp पर 'अदिति भारद्वाज' नाम की महिला से संपर्क किया था, जो असल में एक पाकिस्तानी एजेंट निकली. उसने BSF और IAF के ठिकानों की तस्वीरें और वीडियो भेजने को कहा. सहदेव ने भी अपनी सुविधा के लिए 2025 की शुरुआत में अपने आधार कार्ड का इस्तेमाल करके एक नया सिम कार्ड खरीदा और उस नंबर पर WhatsApp एक्टिव किया, जिससे ये तस्वीरें पाकिस्तान भेजी गईं.

रुपये लेकर चला जासूसी का नेटवर्क, FSL जांच में जुटी

ATS ने यह भी बताया कि सहदेव को किसी अज्ञात व्यक्ति ने 40,000 रुपये नकद दिए थे, जो इस जासूसी नेटवर्क का हिस्सा माना जा रहा है. आरोपी का फोन फॉरेंसिक लैब (FSL) को भेजा गया है ताकि उसके डेटा की गहराई से जांच की जा सके. पाकिस्तान से संचालित WhatsApp नंबर भी फिलहाल जांच में है.

कानून के तहत कार्रवाई, देश की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा जाएगा

सहदेव और उसके पाकिस्तानी संपर्क के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 61 और 148 के तहत मामला दर्ज किया गया है. यह गिरफ्तारी ATS द्वारा देश में पाकिस्तान समर्थित खतरनाक तत्वों पर की जा रही कार्रवाई का हिस्सा है. ATS ने साफ कर दिया है कि देश की सुरक्षा को कोई समझौता नहीं होने दिया जाएगा.

सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा झटका

यह मामला भारत के लिए एक चेतावनी भी है कि सीमा सुरक्षा बल और वायु सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी कितनी आसानी से गलत हाथों में जा सकती है. ऐसे घुसपैठिए और जासूस देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं. इसीलिए एटीएस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और ऐसे खतरों को रोकने के लिए लगातार काम कर रही हैं.

ATS की कड़ी निगरानी और कार्रवाई जारी

गुजरात ATS ने कहा है कि यह गिरफ्तारी सिर्फ एक कड़ी नहीं बल्कि कई खतरों के खिलाफ लंबी लड़ाई की शुरुआत है. देश की सीमा सुरक्षा और देशभक्ति के नाम पर किसी भी प्रकार की गुप्त सूचनाओं के लीक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. कच्छ जैसे सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है.

गुजरात ATS की इस बड़ी कार्रवाई ने देश की सुरक्षा में लगे जवानों और अधिकारियों की तत्परता को दिखाया है. जहां एक तरफ सुरक्षा एजेंसियां पाकिस्तान समर्थित जासूसों और घुसपैठियों के खिलाफ सख्त हैं, वहीं आम जनता को भी ऐसे मामलों में जागरूक रहना जरूरी है. इस गिरफ्तारी से एक बार फिर स्पष्ट हो गया कि देश की सुरक्षा के लिए हर स्तर पर चौकसी और सतर्कता ज़रूरी है.

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