Operation Sindoor: पाकिस्तान की जमीन पर बैठे आतंकियों को लगता था कि वे सुरक्षित हैं लेकिन भारत ने एक बार फिर दिखा दिया कि वह अपने नागरिकों पर हमला करने वालों को कहीं भी छोड़ने वाला नहीं है. पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देश में गुस्से की लहर थी और इसी गुस्से का जवाब बना 'ऑपरेशन सिंदूर'.
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में भारत के सैनिक शहीद हो गए थे. इस हमले के पीछे पाकिस्तान स्थित आतंकियों का हाथ था. इसके बाद भारतीय सेना ने 7 मई की रात 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया. इस ऑपरेशन का मकसद था उन आतंकियों को निशाना बनाना जो इस हमले में शामिल थे या भारत के खिलाफ लंबे समय से साजिशें रच रहे थे.
ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना और थलसेना दोनों ने मिलकर पाकिस्तान और PoK के नौ बड़े आतंकवादी शिविरों को निशाना बनाया. ये हमला बेहद सटीक और प्लानिंग के साथ किया गया. इसमें लोइटरिंग म्यूनिशन, कामिकेज़ ड्रोन और लंबी दूरी तक मार करने वाले आर्टिलरी शेल्स का इस्तेमाल किया गया. ये सब पहले से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर हुआ.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस ऑपरेशन में कम से कम 100 आतंकवादी मारे गए. इन आतंकियों में कई बड़े नाम भी शामिल थे, जो लंबे समय से भारत में दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे थे.
इस ऑपरेशन में मारे गए कुछ खतरनाक आतंकियों की पहचान इस तरह हुई है:
मुदस्सर खादियां खास (अबू जुंदाल) – लश्कर-ए-तैयबा का बड़ा नाम. मरकज तैयबा, मुरीदके में ऑपरेशन संभालता था. पाकिस्तान की सेना ने उसके अंतिम संस्कार में सैन्य सम्मान तक दिया.
हाफिज मुहम्मद जमील – जैश-ए-मोहम्मद का सीनियर आतंकी, मसूद अजहर का साला. बहावलपुर स्थित जैश के केंद्र से आतंकी ऑपरेशन चलाता था.
खालिद उर्फ अबू अकाशा – लश्कर का ऑपरेशनल प्लानर, जम्मू-कश्मीर में कई हमलों में शामिल. हथियारों की तस्करी भी करता था.
मोहम्मद हसन खान – जैश-ए-मोहम्मद का POK कमांडर, कई बड़ी साजिशों में शामिल था.
इनके अंतिम संस्कार में पाक सेना के अधिकारी और बड़े सरकारी अफसर शामिल हुए, जिससे साफ होता है कि इन आतंकियों को पाकिस्तानी सरकार और सेना का पूरा समर्थन मिलता था.
पाकिस्तान ने भी इस ऑपरेशन के बाद भारत के सैन्य ठिकानों को ड्रोन, लंबी दूरी के हथियार और जेट विमानों से निशाना बनाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय फौज पूरी तरह तैयार थी. भारत सरकार ने पाकिस्तान के दुष्प्रचार अभियान की निंदा करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा में कोई समझौता नहीं होगा.
सरकार ने ये भी पुष्टि की है कि ऑपरेशन सिंदूर अब दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका है और मिशन अभी जारी रहेगा. भारत का ये रुख साफ है — अगर कोई देश आतंक को बढ़ावा देगा, तो उसे इसका माकूल जवाब मिलेगा. भारत सरकार का ये कदम बताता है कि अब देश आतंकी हमलों पर सिर्फ निंदा करने तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि अगर ज़रूरत पड़ी तो सीमा पार जाकर भी जवाब देगा. First Updated : Saturday, 10 May 2025