नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर प्रयागराज महाकुंभ जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ में 17 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं. इस हादसे में कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. घटना के बाद रेलवे प्रशासन और पुलिस की ओर से उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है. इस घटना ने रेलवे और प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
प्रयागराज महाकुंभ में जाने के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. अधिक संख्या में लोगों के एकत्र होने से प्लेटफॉर्म पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और देखते ही देखते भगदड़ मच गई. इस भयावह हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जबकि दर्जनों घायल हो गए.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा, "महाकुंभ जैसे बड़े आयोजन के चलते नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर प्रशासन को पहले से बेहतर इंतज़ाम करने चाहिए थे. अफरा-तफरी के कारण कई लोग घायल हुए हैं और उन्हें पार्सल ठेलों पर ले जाकर अस्पताल पहुंचाया गया. हमें उम्मीद है कि सभी घायल यात्री सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच पाएंगे."
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भगदड़ पर सरकार को घेरते हुए कहा, "नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में कई लोगों की मृत्यु की खबर अत्यंत पीड़ादायक है. वहां से आ रहे वीडियो बेहद हृदयविदारक हैं. मोदी सरकार इस घटना की सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रही है, जो निंदनीय है. हम मांग करते हैं कि मृतकों और घायलों की वास्तविक संख्या घोषित की जाए और लापता लोगों की पहचान सुनिश्चित की जाए."
डीसीपी रेलवे केपीएस मल्होत्रा ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "हमें पता था कि महाकुंभ के कारण भारी भीड़ होगी, लेकिन हालात बहुत तेजी से बिगड़ गए. रेलवे इस पूरी घटना की जांच कर रहा है और पूछताछ के बाद असल कारणों का पता चलेगा."
भारतीय वायुसेना के एक सार्जेंट और प्रत्यक्षदर्शी अजीत ने बताया, "हमारा त्रि-सेवा कार्यालय रेलवे स्टेशन पर स्थित है. जब मैं ड्यूटी से लौट रहा था, तब भारी भीड़ की वजह से आगे बढ़ना मुश्किल हो गया. मैंने लोगों को समझाने और प्लेटफॉर्म पर भीड़ न बढ़ाने की अपील की, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं था. प्रशासन हादसे को रोकने के लिए पूरी कोशिश कर रहा था, लेकिन हालात बेकाबू हो गए. मैंने अपने दोस्त की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाने में सहायता की."
इस दर्दनाक हादसे के बाद रेलवे और गृह मंत्रालय ने उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन कर दिया है. इस कमेटी को जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है. सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की भी घोषणा की है. First Updated : Sunday, 16 February 2025