नीति आयोग बैठक की वो घटना जिसके बाद रूस गईं दीदी, जानिए क्या हुआ था?

Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने नीति आयोग की बैठक में हिस्सा लिया लेकिन केंद्र सरकार पर संगीन आरोप लगा दिया. उन्होंने कहा कि मुझे बैठक में बोलने नहीं दिया और माइक बंद कर दिया है. हालांकि सरकार ने इस आरोप को झूठा करार दिया है. साथ ही निर्मला सीतारमण ने उस पूरी घटना के बारे में बताया है कि आखिर हुआ क्या था. जिसके बाद ममता बनर्जी नाराज हो गईं.

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Edited By: JBT Desk

Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को आरोप लगाया कि नीति आयोग की बैठक में केंद्र सरकार ने उनके साथ सौतेला व्यवहार किया है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उनके साथ राजनीतिक भेदभाव कर रही है. मीटिंग में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बोलने का मौका दिया गया लेकिन मेरा माइक बंद कर दिया गया था. उन्होंने दावा किया कि मीटिंग के दौरान उनका माइक म्यूट कर दिया गया था. ममता बनर्जी इंडिया ब्लॉक की इकलौती मुख्यमंत्री थीं जिन्होंने नीति आयोग की बैठक में हिस्सा लिया था. इसके अलावा अन्य नेताओं ने इसका जमकर विरोध किया था. 

हालांकि केंद्र सरकार ने ममता बनर्जी के इस आरोप को सिरे खारिज कर दिया है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उन आरोपों को खारिज करते हुए कहा,'तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने जानबूझकर बैठक से बाहर जाने का फैसला किया. शनिवार को बिजनेस टुडे कॉन्क्लेव में बोलते हुए सीतारमण ने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री को उन्हें दिए गए पूरे समय तक बोलने की अनुमति दी गई और उन्होंने समय बढ़ाने की मांग नहीं की. निर्मला सीतारमण ने दावा किया कि अगर ममता बनर्जी ने और समय मांगा होता, तो उन्हें समय दिया जाता. 

निर्मला सीतारमण ने बताई पूरी घटना:

निर्मला सीतारमण ने बताया,'मुझे ममता बनर्जी को नीति आयोग की बैठक में हिस्सा लेते देखकर बहुत खुशी हुई. जब उन्होंने बोलना शुरू किया, तो उन्होंने कहा कि मैं बंगाल के लिए बोल रही हूं और मैं पूरे विपक्ष के लिए भी बोल रही हूं, मुझे बहुत खुशी है कि उन्होंने खुद ही आवाज़ उठाने का बीड़ा उठाया और हमने उन्हें पूरा समय सुना.' सीतारमण आगे बताती हैं,'जैसा कि हम अब सभी सम्मेलनों में करते हैं, हर टेबल पर एक स्क्रीन होती है, स्क्रीन पर दाहिनी तरफ कोने में एक घड़ी होती है और जब आप बोलना शुरू करते हैं, तो उल्टी गिनती शुरू हो जाती है. जब घड़ी शून्य पर पहुँचती है, तो यह हरे रंग में होती है, और 30 सेकंड के बाद, यह लाल हो जाती है. उस समय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पूरी बैठक चला रहे थे, उन्होंने अपने माइक पर पेंसिल या पेन से टैप करते थे, बस यह कहने के लिए कि आपका समय समाप्त हो गया है.'

अधीर रंजन चौधरी ने भी बताया झूठा:

इस मामले पर ना सिर्फ केंद्र सरकार बल्कि अब कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी का बयान भी सामने आ गया है. इस मामले पर उनके विचार उनकी पार्टी कांग्रेस से अलग थे, जिसने कहा कि बनर्जी के साथ किया गया व्यवहार अस्वीकार्य है. अधीर रंजन चौधरी ने भी ममता बनर्जी को झूठा साबित कर दिया है. उन्होंने कहा, 'नीति आयोग की मीटिंग के बारे में ममता बनर्जी जो कुछ कह रही हैं, मुझे लगता है कि वह झूठ बोल रही हैं. यह बहुत आश्चर्यजनक है कि किसी राज्य के सीएम को बोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी. ममता बनर्जी जानती थीं कि वहां क्या होने वाला है. उनके पास स्क्रिप्ट थी.'

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