सड़क हादसों से GDP को 3% नुकसान, गडकरी ने बताए चौंकाने वाले आंकड़े
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 26 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित सड़क सुरक्षा से जुड़े तीसरे राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में हिस्सा लिया. उन्होंने देश में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए प्रतिक्रिया दी.

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 26 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित सड़क सुरक्षा से जुड़े तीसरे राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने देश में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह समस्या केवल इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के व्यवहार और ट्रैफिक नियमों के पालन से भी गहराई से जुड़ी हुई है.
सड़क दुर्घटनाओं पर क्या बोले गडकरी?
अपने संबोधन में गडकरी ने बताया कि भारत में हर साल लगभग पांच लाख सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की जाती हैं, जिनमें करीब 1.80 लाख लोगों की जान चली जाती है. उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों से साफ है कि सड़क सुरक्षा एक राष्ट्रीय चुनौती बन चुकी है, जिसे कम करने के लिए सरकार और समाज दोनों को मिलकर प्रयास करने होंगे. उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल बेहतर सड़कें बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों में ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी जरूरी है.
गडकरी ने दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ओवरस्पीडिंग सबसे बड़ा खतरा बनी हुई है, जिससे हर साल करीब 1.20 लाख लोगों की मौत होती है. इसके अलावा हेलमेट न पहनने के कारण 54,000 से अधिक और सीट बेल्ट का उपयोग न करने से 14,000 से ज्यादा लोगों की जान चली जाती है. उन्होंने यह भी बताया कि सड़क हादसों में 18 वर्ष से कम उम्र के 10,000 से अधिक बच्चों की मौत होना बेहद चिंताजनक है. नशे की हालत में वाहन चलाना, गलत दिशा में ड्राइविंग करना और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में शामिल हैं.
दुर्घटनाओं के कारण देश की GDP को नुकसान
केंद्रीय मंत्री ने सड़क हादसों के आर्थिक प्रभाव का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इन दुर्घटनाओं के कारण देश की GDP को लगभग 3 प्रतिशत तक का नुकसान होता है, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने बताया कि सरकार सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए कई स्तरों पर काम कर रही है.
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा वाहनों की सुरक्षा को लेकर नए और सख्त मानक लागू किए जा रहे हैं. अब सभी कारों में छह एयरबैग अनिवार्य किए जा रहे हैं और भारी वाहनों में ऐसी आधुनिक तकनीक लाई जा रही है, जो आपात स्थिति में स्वतः ब्रेक लगा सकती है. गडकरी ने कहा कि इन उपायों से आने वाले समय में सड़क हादसों में कमी लाने में मदद मिलेगी और लोगों की जान बचाई जा सकेगी.


