ऑपरेशन सिंदूर और आतंकी हमले पर बहस को लेकर विपक्ष एकजुट, संसद सत्र की मांग

भारत ब्लॉक के 16 विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों पर चर्चा हेतु संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है. इसमें पहलगाम हमला, ऑपरेशन सिंदूर और अमेरिका समर्थित युद्धविराम जैसे मुद्दे शामिल हैं.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

‘भारत’ गठबंधन में शामिल 16 विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक संयुक्त पत्र लिखकर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है. इन नेताओं का कहना है कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले, ऑपरेशन सिंदूर, अमेरिका द्वारा घोषित युद्धविराम और भारत की वैश्विक कूटनीति जैसे विषयों पर देश को विश्वास में लेना जरूरी है.

मंगलवार को इंडिया अलायंस की बैठक

यह प्रस्ताव नई दिल्ली में मंगलवार को इंडिया अलायंस की बैठक में पारित किया गया. हालांकि आम आदमी पार्टी (आप) इस बैठक में शामिल नहीं हुई, लेकिन उसने भी प्रधानमंत्री को इसी मुद्दे पर अलग पत्र भेजने का निर्णय लिया है. इससे इस मांग का समर्थन करने वाले दलों की कुल संख्या 17 हो गई है.

संयुक्त पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले दलों में कांग्रेस, टीएमसी, सपा, शिवसेना (यूबीटी), राजद, डीएमके, नेशनल कॉन्फ्रेंस, माकपा, भाकपा, आईयूएमएल, आरएसपी, झामुमो, वीसीके, केरल कांग्रेस, एमडीएमके और सीपीआई (माले) शामिल हैं.

इन दलों की ओर से राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल (कांग्रेस), अखिलेश यादव (सपा), अभिषेक बनर्जी (टीएमसी), अरविंद सावंत (शिवसेना) और प्रेम चंद्र गुप्ता (राजद) जैसे प्रमुख नेताओं ने भी पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं.

सरकार जनता के प्रति जवाबदेह

विपक्ष का कहना है कि संसद को देश की सुरक्षा रणनीति पर सूचित करना सरकार की जिम्मेदारी है. कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि वे सुरक्षा बलों के साथ खड़े हैं, लेकिन इस विषय पर संसद को भी भरोसे में लिया जाना चाहिए. वहीं टीएमसी के डेरेक ओ’ब्रायन ने जोर देकर कहा कि संसद और सरकार जनता के प्रति जवाबदेह हैं, इसलिए विशेष सत्र जरूरी है.

विपक्ष चाहता है कि यह सत्र जून में आयोजित हो, ताकि उस समय विदेश में मौजूद बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल भी इसमें हिस्सा ले सकें और आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति पर खुलकर चर्चा हो सके.

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