'क्या तुम्हारे अकाउंट में 2 रुपये ट्रांसफर कर दूं?', हिमंत शर्मा के ‘मियां’ बयान पर ओवैसी ने कसा तंज
निजामाबाद रैली में असदुद्दीन ओवैसी ने असम के मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने जनसंख्या, रोजगार, टी20 विश्व कप और सीमा मुद्दे उठाए तथा कहा कि भारत में मुस्लिम आबादी कभी हिंदुओं से अधिक नहीं होगी.

निजामाबाद: तेलंगाना के निजामाबाद में आयोजित एक जनसभा में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा और आरएसएस पर जमकर हमला बोला. अपने तीखे अंदाज के लिए जाने जाने वाले ओवैसी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के एक कथित बयान पर कटाक्ष किया और केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए. रैली में उन्होंने जनसंख्या, रोजगार, सीमा विवाद और टी20 विश्व कप जैसे मुद्दों को उठाकर राजनीतिक माहौल गरमा दिया.
‘मियां’ बयान पर पलटवार
ओवैसी ने असम के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर किसी व्यक्ति को उसके धर्म के आधार पर अलग व्यवहार करने की सलाह दी जाती है, तो यह संविधान की भावना के खिलाफ है. उन्होंने तंज भरे लहजे में कहा कि "वह कहते हैं, अगर कोई ऑटो ड्राइवर मियां मुसलमान है, तो उसे असली किराए से कम पैसे दो. अगर किराया 5 रुपये है, तो उसे 4 रुपये दो. हिमंत विश्व शर्मा, मैं तुम्हें ये दो रुपये दे रहा हूं, क्या तुम लोगे? मुझे पता है कि तुम दो रुपये के भिखारी हो, क्या मैं इसे तुम्हारे अकाउंट में ट्रांसफर कर दूं?"
ओवैसी ने आरोप लगाया कि ऐसी बातें समाज में भेदभाव बढ़ाती हैं और लोगों के बीच दूरी पैदा करती हैं. बता दें कि ‘मियां’ शब्द का इस्तेमाल असम में अक्सर बंगाली भाषी मुसलमानों के लिए किया जाता है. मुख्यमंत्री सरमा पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि यह शब्द समुदाय के भीतर प्रचलित है और उन्होंने इसे गढ़ा नहीं है.
जनसंख्या और रोजगार पर सरकार से सवाल
रैली के दौरान ओवैसी ने प्रधानमंत्री के हालिया बयान का जिक्र किया, जिसमें भारत को युवा आबादी वाला देश बताया गया था. ओवैसी ने पूछा कि यदि देश की बड़ी आबादी 40 साल से कम उम्र की है, तो उनके रोजगार और कौशल विकास के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं?
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में यही युवा वर्ग बुजुर्ग होगा और महंगाई तथा सामाजिक सुरक्षा जैसी चुनौतियां बढ़ेंगी. ओवैसी ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत में मुस्लिम आबादी कभी भी हिंदू आबादी से अधिक नहीं होगी. उनका कहना था कि जनसंख्या को लेकर अनावश्यक डर फैलाया जाता है, जबकि वास्तविक मुद्दे रोजगार और शिक्षा हैं.
आरएसएस और जनसंख्या बहस
ओवैसी ने आरएसएस प्रमुख के बयान का भी जिक्र किया, जिसमें अधिक बच्चे पैदा करने की बात कही गई थी. उन्होंने कहा कि पहले जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग की जाती थी और मुसलमानों को निशाना बनाया जाता था, लेकिन अब बदलते हालात को देखते हुए अलग रुख अपनाया जा रहा है.
टी20 विश्व कप और सीमा मुद्दे पर पूछा सवाल
ओवैसी ने टी20 विश्व कप में भारत के खिलाफ पाकिस्तान के संभावित बहिष्कार पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि अगर कोई टीम मेजबान देश में आकर खेलने से मना करती है, तो उसे स्पष्ट संदेश दिया जाना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार पर चीन के साथ सीमा विवाद को लेकर चुप रहने का आरोप लगाया और कहा कि राष्ट्रीय मुद्दों पर स्पष्ट रुख जरूरी है.


