दिल्ली के कूड़े के पहाड़ों पर सीएम रेखा का बड़ा ऐलान, जानिए कब होंगे खत्म

दिल्ली में सालों से खड़े कूड़े के पहाड़ों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. भलस्वा, ओखला और गाजीपुर लैंडफिल साइट को खत्म करने की समयसीमा पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बड़ा बयान दिया है, जिससे राजधानी के लोगों को राहत की उम्मीद जगी है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में भलस्वा, गाजीपुर और ओखला लैंडफिल साइट पर बने कूड़े के पहाड़ लंबे समय से पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं. अब इन कचरा पहाड़ों को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बड़ा बयान दिया है, जिससे दिल्लीवासियों को राहत की उम्मीद जगी है.

मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि दिल्ली सरकार लीगेसी वेस्ट खत्म करने को लेकर गंभीरता से काम कर रही है. उन्होंने बताया कि ओखला और भलस्वा लैंडफिल साइट पर कचरे के पहाड़ों को हटाने का काम तेजी से चल रहा है और तय समयसीमा में इन्हें खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है.

ओखला और भलस्वा लैंडफिल साइट पर कब खत्म होगा कचरा?   

सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि ओखला और भलस्वा लैंडफिल साइट पर मौजूद लीगेसी वेस्ट को खत्म करने के लिए "बहुत शिद्दत से काम" किया जा रहा है. उन्होंने कहा,"हमें पूरी उम्मीद है कि ओखला और भलस्वा लैंडफिल साइट का लीगेसी वेस्ट 2026 के अंत तक पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा."

लीगेसी वेस्ट वह कचरा होता है, जो वर्षों से डंपिंग ग्राउंड में जमा रहता है और जिसे कभी प्रोसेस नहीं किया गया होता. इसमें प्लास्टिक, पॉलीथिन, कांच, धातु और मिट्टी जैसी कई तरह की सामग्री शामिल होती है.

गाजीपुर लैंडफिल साइट को लेकर क्या बोलीं सीएम?

दिल्ली के सबसे बड़े कूड़े के पहाड़ गाजीपुर लैंडफिल साइट को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे पूरी तरह खत्म करने में अभी और समय लग सकता है. उनके अनुसार,"गाजीपुर लैंडफिल साइट को खत्म करने में संभव है कि दो साल और लगें."

हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दिल्ली में पैदा होने वाले 100 प्रतिशत कचरे को प्रोसेस करने के लिए नए प्लांट्स की क्षमता लगातार बढ़ाई जा रही है और लीगेसी वेस्ट को अलग-अलग सेग्रीगेशन के जरिए निपटाया जा रहा है.

वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर पुरानी सरकारों पर निशाना

सीएम रेखा गुप्ता ने इस मुद्दे पर पिछली सरकारों को भी घेरा. उन्होंने कहा कि लगभग 15 साल कांग्रेस और 11 साल आम आदमी पार्टी की सरकारें रहीं, लेकिन इस समस्या के स्थायी समाधान पर गंभीरता से काम नहीं हुआ.

उन्होंने सवाल उठाया,"क्या कभी उन्होंने बायोगैस प्लांट लगाने की सोची? क्यों पहला बायोगैस प्लांट हमारे कार्यकाल में शुरू हुआ?"

बायोगैस और बायोट्रीटमेंट प्लांट पर फोकस

मुख्यमंत्री ने बताया कि 200 टन गोबर प्रोसेस करने वाला वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट शुरू हो चुका है. इसके अलावा 400 टन क्षमता वाले अन्य बायोट्रीटमेंट प्लांट इस साल के अंत तक चालू किए जाएंगे. सरकार का दावा है कि इन प्लांट्स से कचरे के निपटान की रफ्तार और तेज होगी.

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