Pahalgam Terror Attack: कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले और उसके बाद की गई ऑपरेशन सिंदूर कार्रवाई पर केंद्र सरकार के रवैये को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं. चिदंबरम ने इस हमले को लेकर केंद्र की ओर से दी गई जानकारी पर असंतोष व्यक्त किया और आरोप लगाया कि सरकार महत्वपूर्ण तथ्य साझा करने में अनिच्छुक है. इस संदर्भ में चिदंबरम ने सरकार के असंतोषजनक रवैये और जवाबी कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं.
चिदंबरम ने सवाल किया कि आतंकी हमलावरों को पकड़ने के लिए केंद्र सरकार ने अब तक क्या कदम उठाए हैं, और शरण देने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई. इसके साथ ही, उन्होंने एनआईए की भूमिका पर भी सवाल उठाया और आरोप लगाया कि एजेंसी पूरी जानकारी देने से कतराती है. उनकी यह टिप्पणी संसद में होने वाली बहस से पहले आई है, जिसमें पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भाजपा और विपक्ष आमने-सामने होंगे.
चिदंबरम ने पूछा, 'आतंकी हमलावर कहां हैं? आपने उन्हें क्यों नहीं पकड़ा या उनकी पहचान क्यों नहीं की?' उन्होंने इस संदर्भ में यह भी सवाल किया कि शरण देने वालों की गिरफ्तारी की खबरें सामने आई थीं, लेकिन उनके साथ क्या हुआ? 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, और चिदंबरम ने सरकार से यह सवाल किया कि इस हमले में किस प्रकार की कार्रवाई की गई और क्या केंद्र सरकार ने हमलावरों को पकड़ने के लिए सही कदम उठाए.
चिदंबरम ने कहा कि सरकार ने हमले और ऑपरेशन सिंदूर के संबंध में आवश्यक जानकारी नहीं दी. उन्होंने कहा कि विभिन्न अधिकारियों से जानकारी मिलती रहती है, लेकिन प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री या विदेश मंत्री की ओर से कोई व्यापक बयान क्यों नहीं दिया गया? उन्होंने सवाल उठाया, 'क्यों केंद्र सरकार इस मुद्दे पर एक स्पष्ट और संयुक्त बयान देने में असमर्थ है?'
चिदंबरम ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार "सामरिक गलतियों" को छिपाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा, "मैं सोचता हूं कि वे इस तथ्य को छिपा रहे हैं कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान रणनीतिक गलतियां हुईं, और हम पुनः रणनीति पर विचार कर रहे थे.' उन्होंने यह भी पूछा, 'क्या नई रणनीति बनाई गई? क्या यह गलतियां हुईं? या तो भाजपा सरकार इन सवालों का जवाब देने में असमर्थ है, या फिर वह देने को तैयार नहीं है.'
पूर्व गृह मंत्री ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की भूमिका पर भी संदेह व्यक्त किया. उन्होंने कहा, 'एनआईए यह बताने को तैयार नहीं है कि इन हफ्तों में उसने क्या किया है. क्या उन्होंने आतंकवादियों की पहचान की है, वे कहां से आए थे? क्या यह आतंकवादी पाकिस्तान से आए थे, इसके कोई प्रमाण नहीं हैं.' चिदंबरम ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह इस हमले से संबंधित नुकसान को भी छिपा रही है.
इस बीच, भाजपा ने चिदंबरम के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा, 'कांग्रेस एक बार फिर पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को क्लीन चिट देने की जल्दबाजी में है.' उन्होंने आगे कहा, 'ऐसा क्यों होता है कि जब भी हमारी सेनाएं पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का मुकाबला करती हैं, कांग्रेस उसका बचाव करती नजर आती है?' तो कांग्रेस नेता भारत के विपक्ष की बजाय इस्लामाबाद के बचाव पक्ष के वकील की तरह अधिक लगते हैं?' First Updated : Monday, 28 July 2025