स्वीडन में दो दिवसीय यात्रा समाप्त करने के बाद नॉर्वे के लिए रवाना हुए PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार सुबह स्वीडन में अपनी दो दिवसीय यात्रा समाप्त करने के बाद नॉर्वे  के लिए रवाना हो चुके है. इस दौरान पीएम मोदी 19 मई को ओस्लो में आयोजित होने वाले तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे.

Yashika Jandwani

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार सुबह स्वीडन में अपनी दो दिवसीय यात्रा समाप्त करने के बाद नॉर्वे  के लिए रवाना हो चुके है. बता दें, नॉर्वे पहुंचने के बाद 19 मई को ओस्लो में आयोजित होने वाले तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे, जिस पर सभी की नजरे बनी हुई है.

वहीं नॉर्वे पहुंचने से पहले पीएम मोदी अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते उनकी स्वीडन में दो दिवसीय यात्रा का जिक्र किया है. जिसमें उन्होंने कहा है कि यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण परिणामों को चिह्नित किया गया है, जिससे भारत-स्वीडन संबंधों को नई गति मिलेगी.

स्वीडन सरकार का किया धन्यवाद 

पीएम मोदी ने ट्ववीट करते हुए लिखा "स्वीडन की मेरी यात्रा कई महत्वपूर्ण परिणामों से चिह्नित हुई, जिनसे भारत-स्वीडन संबंधों को नई गति मिलेगी. हमारे संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने, संयुक्त नवाचार साझेदारी 2.0 और भारत-स्वीडन प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता गलियारे की शुरुआत करने से लेकर अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करने तक, चर्चाएं अत्यंत फलदायी रहीं. मैं स्वीडन की जनता, स्वीडन सरकार और प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन को उनके स्नेह और मित्रता के लिए धन्यवाद देता हूं."

किन पहलुओं पर हुई चर्चा 

बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वीडन यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर सहमति जताई गई है. आकाशवाणी की रिपोर्ट के अनुसार, भारत-स्वीडन संयुक्त कार्य योजना (2026–2030) के तहत, द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने की दिशा में निर्देशित किया जा रहा है.

इस योजना के तहत अगले पांच सालों में ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग में द्विपक्षीय आर्थिक आदान-प्रदान की बात कही गई है. इसमें 'मेड इन इंडिया' और 'मेड विद स्वीडन' पर जोर दिया गया है और आदान-प्रदान को दोगुना बढ़ाने का उद्देश्य रखा गया है. 

इसके अलावा 'संयुक्त नवाचार साझेदारी 2.0' (Joint Innovation Partnership 2.0) और 'स्वीडन-भारत प्रौद्योगिकी एवं AI कॉरिडोर' (SITAC) के जरिए तकनीकी सहयोग को मजबूत करने और दोनों देशों के स्टार्टअप इकोसिस्टम को आपस में जोड़ने का उद्देश्य रखा गया है. इसके साथ ही 6g और स्मॉल बिजनेस को लेकर भी चर्चा की गई है. 

पीएम मोदी को किया सम्मानित 

बता दें, पीएम मोदी की यात्रा के दौरान एक खास पल तब देखने को मिला जब स्वीडन द्वारा प्रधानमंत्री को  'रॉयल ​​ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार' से सम्मानित किया. ये सम्मान स्वीडन में विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के लिए सर्वोच्च सम्मान माना जाता है, जिसके बाद दोनों देशों के रिश्ते और भी मजबूत होते नजर आ रहे है. 

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