फूट-फूट कर मां के सामने रो पड़े पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी जब चांदीपुर के कुलप गांव पहुंचे तो वहां का माहौल बेहद गमगीन हो गया। कुलप गांव बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी के दिवगंत पीए चंद्रनाथ रथ का गांव हौ। सीएम सुवेंदु अधिकारी ने गांव पहुंचते ही शोकाकुल परिवार से मुलाकात की।

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Edited By: JBT Desk

11 दिन पहले मध्यग्राम में चंद्रनाथ की बेरहमी से गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घर में घुसते ही मुख्यमंत्री अपने आंसू नहीं रोक सके। सीएम इतने भावुक हो गए हैं कि उन्होंने संकल्प लिया की हत्यारों को पाताल से भी ढूंढकर निकल लाएंगे ।

कदम रखते ही जख्म ताजा हो गए

 जैसे ही मुख्यमंत्री ने चंद्रनाथ के घर के भीतर कदम रखा, 11 दिन पहले मिला वह गहरा ‘जख्म’ एक बार फिर ताजा हो गया। वहां का पूरा माहौल गमगीन एक बार फिर गमगीन हो गया।  सामने चंद्रनाथ की बूढ़ी मां और भाई इन दोनों को देखकर  मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी खुद पर काबू नहीं रख सके और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े और फफक फफक कर रोने लगे। रोती हुई मां को देखकर सीएम सुवेंदु अधिकारी ने संकल्प लिया कि वो हत्यारों को उनके अंजाम तक पहुंचा कर ही चैन की सांस लेंगे।

आखिर क्यों फफक-फफक कर रो पड़े मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के इस तरह भावुक होने के पीछे चंद्रनाथ रथ के साथ उनका सालों पुराना गहरा और पारिवारिक रिश्ता था। चंद्रनाथ उनके सबकुछ थे।  चंद्रनाथ  साए की तरह उनके साथ रहते थे. उनके पैतृक आवास चांदीपुर में प्रवेश करते ही मुख्यमंत्री का सामना जब चंद्रनाथ की रोती-बिलखती बुजुर्ग मां से हुआ, तो घर में चीख-पुकार मच गई. मुख्यमंत्री खुद को रोक नहीं पाए और उनके आंसू बहने लगे. वहां मौजूद हर शख्स इस भावुक पल को देखकर स्तब्ध रह गया. मुख्यमंत्री ने काफी देर तक मां का हाथ अपने हाथों में थामे रखा और उन्हें सांत्वना दी. उन्होंने साफ कहा कि चंद्रनाथ की कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकता, लेकिन इस दुख की घड़ी में वह इस परिवार के साथ हमेशा एक बेटे की तरह खड़े रहेंगे.

रोते हुए मां के सामने खाई कसम

मुख्यमंत्री के जाने के बाद चंद्रनाथ रथ की मां ने भरे गले से मीडिया को बताया कि सुवेंदु बाबू ने उनके आंसू पोंछे और उनका हौसला बढ़ाया. मां ने कहा, “यह हमारा बहुत बड़ा भाग्य है कि राज्य के मुख्यमंत्री हमारे घर आए. आज के दौर में लोग पद पर बैठकर अपनों को भूल जाते हैं, लेकिन उन्होंने मेरे बेटे को याद रखा. उन्होंने मेरा हाथ पकड़कर कसम खाई कि दोषियों को सजा मिलकर रहेगी.” चंद्रनाथ की मां ने न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि उनका बेटा बेहद सीधा था और उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी. मुख्यमंत्री ने परिवार को पूरा भरोसा दिया है कि कानून अपना काम पूरी कड़ाई से करेगा. इस मुलाकात के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भी यह विश्वास जगा है कि अब इस मामले को दबाया नहीं जा सकेगा और असली गुनहगार जेल की सलाखों के पीछे होंगे.

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