नेपाल में हिंसा पर PM मोदी ने जताई चिंता, बोले- आपकी शांति हमारे लिए बहुत जरूरी

नेपाल में जारी जेन-जी आंदोलन ने देश को हिंसा और राजनीतिक संकट में डाल दिया है. प्रधानमंत्री ओली के इस्तीफे के बाद हालात और बिगड़ गए. प्रदर्शनकारियों ने कई सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया. 19 लोगों की मौत हो चुकी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल में शांति की अपील की है और कहा कि भारत नेपाल के साथ खड़ा है. सेना ने हालात को संभालने के लिए दखल दिया है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

Nepal protests 2025 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल में जेन-जी आंदोलन के चलते हो रही हिंसा और राजनीतिक उथल-पुथल पर गहरी चिंता जताई है. हिमाचल प्रदेश और पंजाब के दौरे से लौटने के बाद उन्होंने कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की बैठक में नेपाल की स्थिति की समीक्षा की. इसके बाद उन्होंने नेपाली भाषा में एक संदेश भी "एक्स" (पूर्व ट्विटर) पर साझा किया.

उन्होंने कहा कि नेपाल में जो कुछ हो रहा है, वह हृदय विदारक है और युवा जानों की क्षति से वह बेहद दुखी हैं. पीएम मोदी ने शांति की अपील करते हुए कहा कि भारत नेपाल की स्थिरता, शांति और समृद्धि को अत्यंत महत्व देता है, और भारत नेपाल की जनता के साथ है.

नेपाल में जेन-जी आंदोलन की आग
नेपाल की राजधानी काठमांडू इस समय राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल का केंद्र बन गई है. प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अचानक इस्तीफा दे दिया, लेकिन इसके बाद हालात और भी बिगड़ गए. प्रदर्शनकारियों ने संसद, अदालतों और कई नेताओं के घरों को आग के हवाले कर दिया.

सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ शुरू हुआ जेन-जी आंदोलन अब भ्रष्टाचार, असमानता और राजनीतिक अहंकार के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई में बदल चुका है. अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे लोगों में गुस्सा और भड़क गया है.

नेताओं के घरों पर हमले, सेना को करना पड़ा हस्तक्षेप
प्रदर्शनकारियों ने सिर्फ ओली के घर ही नहीं, बल्कि पूर्व प्रधानमंत्री झलनाथ खनाल और शेरबहादुर देउबा के घरों पर भी हमला किया. खनाल की पत्नी गंभीर रूप से झुलस गईं और उनकी मृत्यु हो गई. इसके अलावा, पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक और संचार मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग के घरों को भी नुकसान पहुंचाया गया. कई इलाकों में सड़कें टायर जलाकर जाम कर दी गईं और अदालतों में घुसकर जरूरी दस्तावेज जला दिए गए. हालात बेकाबू होते देख नेपाल की सेना को हस्तक्षेप करना पड़ा.

नेपाल सरकार और सेना की शांति की अपील
प्रधानमंत्री ओली ने राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल को अपने इस्तीफे का पत्र भेजते हुए देश में "असाधारण परिस्थितियों" का हवाला दिया. राष्ट्रपति ने जनता से संयम और शांति बनाए रखने की अपील की. वहीं, नेपाल सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने भी संयुक्त बयान जारी कर कहा कि बातचीत से ही समाधान निकलेगा और अब और जान-माल का नुकसान नहीं होना चाहिए.

आर्मी चीफ अशोक राज सिगदेल सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि सरकार और प्रदर्शनकारियों को संविधान और लोकतंत्र के दायरे में रहकर हल निकालना चाहिए.यह संकट नेपाल के राजनीतिक तंत्र, जन आक्रोश और प्रशासनिक विफलताओं की गंभीर तस्वीर पेश करता है. भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब नेपाल के भविष्य की दिशा पर टिकी हैं.

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