फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे पर पीएम मोदी, G7 सम्मेलन में होंगे शामिल, निवेश और टेक्नोलॉजी पर होगा फोकस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूरोप दौरे को कई अहम वजहों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. यह दौरा केवल कूटनीतिक बैठकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें व्यापार, तकनीक, निवेश, नवाचार और सांस्कृतिक संबंधों को लेकर भी बात होगी.

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक महत्वपूर्ण विदेश यात्रा पर रवाना हो गए हैं, जहां वह यूरोप के दो देशों फ्रांस और स्लोवाकिया में कई अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. यह दौरा केवल कूटनीतिक बैठकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें व्यापार, तकनीक, निवेश, नवाचार और सांस्कृतिक संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश भी शामिल होगी. इसके अलावा प्रधानमंत्री भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे और कई वैश्विक नेताओं के साथ महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे.

यात्रा पर रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए अपने कार्यक्रमों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में वह फ्रांस और स्लोवाकिया में कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों में भाग लेंगे. प्रधानमंत्री ने कहा कि इस दौरे का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के साथ आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत बनाना है. साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर तलाशना भी यात्रा का अहम हिस्सा रहेगा.

फ्रांस में ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम पर विशेष ध्यान

दौरे की शुरुआत फ्रांस के शहर नीस से होगी. यहां प्रधानमंत्री मोदी ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. इस आयोजन में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी मौजूद रहेंगे. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और फ्रांस इस समय ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष’ मना रहे हैं. ऐसे में यह कार्यक्रम दोनों देशों के स्टार्टअप, उद्यमियों, शोधकर्ताओं और तकनीकी विशेषज्ञों को एक मंच पर लाने का काम करेगा. इससे नवाचार के क्षेत्र में नई साझेदारियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.

मैक्रों के साथ होगी महत्वपूर्ण बातचीत

नीस में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी होगी. इस बैठक में दोनों नेता भारत और फ्रांस के बीच मौजूद विशेष रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करेंगे. विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेता संयुक्त रूप से ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे. इस आयोजन में विभिन्न देशों के प्रमुख स्टार्टअप्स, निवेशक और नवाचार से जुड़े विशेषज्ञ भाग लेंगे. माना जा रहा है कि इससे दोनों देशों के बीच तकनीकी और आर्थिक सहयोग को और मजबूती मिलेगी.

स्लोवाकिया की ऐतिहासिक यात्रा

फ्रांस में कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री मोदी स्लोवाकिया का दौरा करेंगे. यह यात्रा स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के निमंत्रण पर हो रही है. इस दौरे को विशेष महत्व इसलिए भी दिया जा रहा है क्योंकि 1993 में स्लोवाकिया के स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक यात्रा होगी. इससे दोनों देशों के संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

व्यापार और निवेश पर होगी चर्चा

स्लोवाकिया में प्रधानमंत्री मोदी अपने समकक्ष रॉबर्ट फिको के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत करेंगे. इसके अलावा वह स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से भी मुलाकात करेंगे. बैठकों में व्यापार, निवेश, ऑटोमोबाइल उद्योग, रेलवे ढांचा और औद्योगिक सहयोग जैसे विषय प्रमुख रहेंगे. दोनों पक्ष नए निवेश अवसरों और दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी पर भी विचार-विमर्श कर सकते हैं. विदेश मंत्रालय का मानना है कि यह यात्रा भारत और स्लोवाकिया के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.

जी7 शिखर सम्मेलन में भी लेंगे हिस्सा

स्लोवाकिया यात्रा पूरी करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी एक बार फिर फ्रांस लौटेंगे. वह 16 और 17 जून को होने वाले जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे. इस दौरान उन्हें जी7 देशों के नेताओं, आमंत्रित देशों के प्रतिनिधियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के साथ बातचीत करने का अवसर मिलेगा. वैश्विक अर्थव्यवस्था, तकनीक, ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं.

पेरिस में टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप कार्यक्रम में भागीदारी

जी7 सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री 18 जून को पेरिस जाएंगे. यहां वह अतिरिक्त द्विपक्षीय बैठकों में हिस्सा लेने के साथ-साथ यूरोप के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप आयोजनों में से एक ‘विवटेक’ सम्मेलन में भी शामिल होंगे. इस कार्यक्रम में दुनिया भर की तकनीकी कंपनियां, स्टार्टअप और निवेशक भाग लेते हैं. प्रधानमंत्री के भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करने की भी संभावना है. इस तरह उनका यह दौरा कूटनीति, व्यापार, तकनीक और सांस्कृतिक जुड़ाव के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को एक साथ आगे बढ़ाने वाला माना जा रहा है. First Updated : Saturday, 13 June 2026