सताराः महाराष्ट्र के सतारा जिले में 29 वर्षीय महिला डॉक्टर की आत्महत्या ने सिस्टम की गहराई में छिपे भयावह सच को उजागर किया है. यह वही डॉक्टर थीं जिनकी बेजान हथेली कभी मरीजों की जान बचाने का काम करती थी. 23 अक्टूबर की रात उन्हें फलटण शहर के एक होटल के कमरे में लटका हुआ पाया गया. उनकी हथेली पर एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें उसने अपने उत्पीड़न और अन्याय के कई पहलुओं का खुलासा किया.
सुसाइड नोट में डॉक्टर ने पुलिस सब-इंस्पेक्टर गोपाल बदने पर चार बार बलात्कार का आरोप लगाया. जांच अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता और आरोपी पुलिसकर्मी दोनों बीड जिले के रहने वाले थे और रिश्तेदार भी थे. इसके अलावा नोट में प्रशांत बंकर नामक व्यक्ति का भी उल्लेख है, जो डॉक्टर के मकान मालिक का बेटा था. डॉक्टर ने कहा कि उसे लगातार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न झेलना पड़ा.
डॉक्टर पर आरोप था कि उन्होंने कुछ पुलिस अधिकारियों और राजनीतिक हस्तियों के दबाव में फर्जी मेडिकल रिपोर्ट नहीं बनाई. उनके चचेरे भाई ने बताया कि डॉक्टर ने मरीजों को अस्पताल लाए बिना फिट/अनफिट प्रमाण पत्र तैयार करने से इनकार कर दिया था. इसके कारण उन्हें लगातार तनाव और धमकियां मिलती रही. जून-जुलाई में डॉक्टर ने तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें बलात्कार के आरोपी का नाम भी शामिल था.
सतारा जिला सर्जन ने डॉक्टर के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की थी. इस बीच, डॉक्टर ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर कहा कि उनके साथ अन्याय हो रहा है और यदि स्थिति नहीं सुधरी तो वे आत्महत्या कर सकती हैं. उनका यह पत्र यह संकेत देता है कि मामला केवल पुलिस तक सीमित नहीं था, बल्कि उच्च पदों के राजनीतिक हस्तक्षेप का भी पहलू सामने आया.
गोपाल बदने पिछले दो साल से फलटण ग्रामीण पुलिस थाने में पोस्टेड थे और पोस्टेड होने से पहले कांस्टेबल थे. पुलिस ने उनका सस्पेंशन कर दिया है. इसके अलावा, मामले में एक और आरोपी, प्रशांत बंकर, शामिल है. महाराष्ट्र पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और टीम सबूत इकट्ठा कर रही है.
कुछ महीने पहले डॉक्टर पर स्थानीय पुलिस ने शिकायत दर्ज की थी कि वह पोस्टमार्टम और मेडिकल जांच में बाधा डालती थीं. डॉक्टर ने भी पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रेशर और बदतमीजी का आरोप लगाया था. आत्महत्या से पहले डॉक्टर ने अपने हाथ पर सुसाइड नोट लिखा था, जिसे पुलिस हैंडराइटिंग और फोरेंसिक विशेषज्ञ जांच रहे हैं कि क्या सचमुच डॉक्टर ने ही लिखा था.
यह घटना राजनीतिक हलचल का कारण बनी. राज्य में विपक्षी दलों ने सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा में विफल रहने का आरोप लगाया है. मुख्यमंत्री ने जांच तेज करने और दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं. First Updated : Saturday, 25 October 2025