भूकंप के तेज झटके से हिली म्यांमार की धरती, 6.0 रही तीव्रता...कोलकाता से बांग्लादेश तक कांपी धरती

म्यांमार में 6.0 तीव्रता के भूकंप के कारण कोलकाता और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में तेज झटके महसूस किए गए. मंगलवार रात लगभग 9:05 बजे 15 सेकंड तक जमीन के झटके महसूस किए गए. भूकंप का केंद्र म्यांमार में था, जिसकी गहराई 10 किमी थी.

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नई दिल्ली :  मंगलवार रात कोलकाता और पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में हल्के झटके महसूस किए गए. लोग बताते हैं कि करीब रात 9:05 बजे जमीन 10 से 15 सेकंड तक हिली, जिससे कई लोग डरकर घरों से बाहर निकल आए. हालांकि, कोलकाता में किसी तरह की चोट या नुकसान की कोई तत्काल सूचना नहीं मिली है.

म्यांमार में आए भूकंप के कारण महसूस हुए झटके 
आपको बता दें कि ये झटके पड़ोसी देश म्यांमार में आए एक मजबूत भूकंप के कारण थे. जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (जीएफजेड) के अनुसार, म्यांमार में 6.0 तीव्रता का भूकंप आया था. इसका केंद्र येनांगयांग शहर से लगभग 95 किलोमीटर पश्चिम में था और गहराई महज 10 किलोमीटर रही, जो इसे सतह पर ज्यादा प्रभावी बनाती है. कम गहराई वाले भूकंप (70 किमी से कम) मध्यम तीव्रता के बावजूद ज्यादा जोरदार झटके देते हैं और दूर-दूर तक महसूस होते हैं.

किसी बड़े नुकसान या हताहत की खबर नहीं
हालांकि, राहत की बात तो यह है कि म्यांमार में भी अभी तक किसी बड़े नुकसान या हताहत की खबर नहीं आई है. यह देश भूकंपीय रूप से बहुत सक्रिय क्षेत्र में स्थित है, जहां कई प्रमुख फॉल्ट लाइनें गुजरती हैं. इसी वजह से यहां अक्सर शक्तिशाली भूकंप आते रहते हैं. उदाहरण के लिए, मार्च 2025 में इसी तरह की गहराई पर 7.7 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसने मध्य म्यांमार में भारी तबाही मचाई और थाईलैंड व चीन तक झटके पहुंचे थे.

झटकों से घबराकर सड़कों पर उतर आए
कोलकाता में लोग झटकों से घबराकर सड़कों पर उतर आए, लेकिन स्थिति सामान्य बनी रही. अधिकारियों ने कहा है कि क्षेत्रीय एजेंसियों से और विस्तृत जानकारी और प्रभाव का आकलन आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी. फिलहाल दोनों देशों में राहत और निगरानी टीमों को सतर्क रखा गया है. भूकंप के बाद के आफ्टरशॉक्स की आशंका को देखते हुए लोगों से सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.  First Updated : Tuesday, 03 February 2026