चाकबोर्ड से स्मार्ट क्लासरूम तक पंजाब के सरकारी स्कूलों में डिजिटल बदलाव से शिक्षा का नया भविष्य तैयार

पंजाब सरकार ने शिक्षा क्रांति के तहत सरकारी स्कूलों को डिजिटल बनाने का बड़ा फैसला लिया है। नए कंप्यूटर और स्मार्ट पैनल से पढ़ाई आसान होगी और बच्चों का भविष्य मजबूत बनेगा।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

पंजाब के सरकारी स्कूलों में बड़ा बदलाव शुरू हो गया है।भगवंत मान सरकार ने ₹400 करोड़ का डिजिटल प्रोजेक्ट लॉन्च किया है।इस योजना के तहत स्कूलों में आधुनिक कंप्यूटर और स्मार्ट उपकरण लगाए जा रहे हैं।सरकार का कहना है कि यह शिक्षा में ऐतिहासिक बदलाव है।पहले कई स्कूलों में पुरानी मशीनें और कमजोर सुविधाएं थीं।अब तकनीक से पढ़ाई का माहौल सुधरेगा।इससे सरकारी स्कूलों पर अभिभावकों का भरोसा भी बढ़ेगा।

कितने स्कूलों को नए कंप्यूटर मिलेंगे?

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने योजना की जानकारी दी।उन्होंने बताया कि 5,012 स्कूलों में 38,649 नए डेस्कटॉप कंप्यूटर दिए जाएंगे।ये कंप्यूटर आधुनिक सॉफ्टवेयर से लैस होंगे।सीनियर सेकेंडरी और हाई स्कूलों को प्राथमिकता दी गई है।मिडिल स्कूलों के 50 प्रतिशत हिस्से को भी शामिल किया गया है।इससे छात्रों को डिजिटल शिक्षा का अवसर मिलेगा।बच्चों की तकनीकी समझ मजबूत होगी।

क्या हर स्कूल में कंप्यूटर लैब बनेगी?

सरकार ने करीब 5,000 स्कूलों में कंप्यूटर लैब बनाने का लक्ष्य रखा है।इससे छात्रों को प्रैक्टिकल तरीके से कंप्यूटर सीखने का मौका मिलेगा।पहले कई स्कूलों में लैब की कमी थी।अब हर सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी स्कूल में लैब होगी।यह कदम डिजिटल साक्षरता बढ़ाने में मदद करेगा।छात्र नई तकनीक से जुड़ेंगे।उनकी पढ़ाई ज्यादा प्रभावी बनेगी।

स्मार्ट पैनल कक्षा को कैसे बदलेंगे?

योजना के तहत 3,694 स्कूलों में 8,268 इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल लगाए जा रहे हैं।ये पैनल क्लासरूम को स्मार्ट बनाएंगे।शिक्षक डिजिटल कंटेंट से पढ़ा सकेंगे।वीडियो और ग्राफिक्स से पढ़ाई आसान होगी।छात्रों की रुचि बढ़ेगी।बड़े स्कूलों को अधिक पैनल दिए जाएंगे।सरकार का मानना है कि यह पढ़ाई का अनुभव बदल देगा।

क्या मार्च तक उपकरण स्कूलों में पहुंचेंगे?

शिक्षा मंत्री ने बताया कि उपकरणों की सप्लाई शुरू हो चुकी है।20 मार्च तक हर जिले के स्कूलों में सामान पहुंचाने का लक्ष्य है।यह सिर्फ घोषणा नहीं बल्कि जमीन पर काम है।स्कूल स्तर पर अनबॉक्सिंग कार्यक्रम भी होंगे।अभिभावकों और पंचायतों को आमंत्रित किया जाएगा।लोग बदलाव को अपनी आंखों से देखेंगे।सरकार पारदर्शिता बनाए रखना चाहती है।

क्या शिक्षकों की नौकरी सुरक्षित रहेगी?

टीईटी योग्यता को लेकर उठे सवालों पर सरकार ने जवाब दिया।मंत्री ने कहा कि किसी शिक्षक की नौकरी नहीं जाएगी।20-25 साल से सेवा दे रहे शिक्षकों की चिंता समझी जा रही है।सरकार शिक्षक यूनियनों से संवाद में है।कानूनी समाधान खोजे जा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने भी शिक्षकों के साथ खड़े रहने का भरोसा दिया।इससे शिक्षकों में राहत है।

क्या डिजिटल स्कूल बच्चों का भविष्य बदलेंगे?

शिक्षा क्रांति के तहत स्कूलों को नया रूप दिया जा रहा है।चाकबोर्ड की जगह स्मार्ट क्लासरूम आ रहे हैं।छात्रों को भविष्य की जरूरतों के अनुसार कौशल मिलेंगे।डिजिटल शिक्षा उच्च शिक्षा और रोजगार में मदद करेगी।सरकार का लक्ष्य सरकारी स्कूलों को निजी स्कूलों के बराबर लाना है।यह कदम शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।पंजाब के छात्र डिजिटल युग के लिए तैयार होंगे।

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