CM भगवंत सिंह मान ने किसानों को दिया बड़ा तोहफा, मालवा क्षेत्र के 4 जिलों तक पहुंचा नहर का पानी

मखू में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने फिरोजपुर फीडर नहर के नवीनीकरण के पहले चरण का उद्घाटन किया. सरकार के मुताबिक इससे मालवा के चार जिलों में नहरी पानी की पहुंच और सिंचाई क्षमता मजबूत होगी.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

पंजाब : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने फिरोजपुर फीडर नहर के नवीनीकरण को किसानों के लिए ऐतिहासिक तोहफा बताया.उन्होंने कहा यह नहर मालवा क्षेत्र की जीवन रेखा है.फरीदकोट, फिरोजपुर, श्री मुक्तसर साहिब और फाजिलका के लिए यह परियोजना बड़ा लाभ देगी.सरकार का दावा है कि सिंचाई क्षमता बढ़ने से खेतों तक पानी की पहुंच बढ़ेगी.टेल क्षेत्रों में पानी की किल्लत कम हो सकती है.ट्यूबवेल पर निर्भरता घटने की उम्मीद जताई गई.किसानों के लिए यह राहत वाली बात बताई गई.

क्या नहर की क्षमता बढ़ी?

मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले नहर की क्षमता 11,192 क्यूसेक थी.अब 2,681 क्यूसेक की बढ़ोतरी के साथ क्षमता 13,873 क्यूसेक हो गई.पहले चरण पर 180 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही गई.सरकार के अनुसार यह बढ़ोतरी नहरी पानी की सप्लाई को मजबूत करेगी.कंक्रीट लाइनिंग से रिसाव घटेगा.पानी की बर्बादी रुकने का दावा किया गया.सिंचाई सिस्टम को स्थायी फायदा होने की बात कही गई.

क्या 35 दिनों में काम?

मान ने कहा कि 35 दिनों के भीतर 15 किलोमीटर लाइनिंग का काम युद्धस्तर पर पूरा किया गया.उन्होंने इंजीनियरों, अधिकारियों और मजदूरों को बधाई दी.परियोजना में 126 सरकारी कर्मचारियों और करीब 4,000 कामगारों की तैनाती बताई गई.सरकार ने इसे तेज गति से हुआ कार्य बताया.किसानों में उम्मीद है कि सप्लाई स्थिर रहेगी.रोटेशन के कारण होने वाली दिक्कतें घट सकती हैं.काम के समय और गुणवत्ता पर भी चर्चा हुई.

क्या चौड़ाई-गहराई बढ़ी?

मुख्यमंत्री के अनुसार नहर की गहराई 18 फीट से बढ़कर 21 फीट हुई.चौड़ाई 163 फीट से बढ़कर 180 फीट बताई गई.हरिके हेडवर्क्स से शुरू यह नहर चार जिलों के क्षेत्रों को सिंचाई सुविधा देती है.सरकार का कहना है कि नवीनीकरण से इंसानों, पशुओं और खेती की जरूरतों में मदद मिलेगी.अपग्रेड सिस्टम से पानी का दबाव बेहतर रहने की बात कही गई.सीमावर्ती इलाकों तक आपूर्ति मजबूत होने की उम्मीद बताई गई.

 क्या 14 ब्लॉकों को लाभ मिला ?

सरकार के मुताबिक इस परियोजना से चार जिलों के 14 ब्लॉकों को सीधा लाभ मिलेगा.इनमें गिद्दड़बाहा, मखू, ममदोट, बल्लूआणा, जलालाबाद, गुरु हरसहाय, अरनीवाला, खुईयां सरवर, लंबी, मलोट, फाजिलका, मुक्तसर, फिरोजपुर जैसे इलाके शामिल बताए गए.मुख्यमंत्री ने कहा कि री-लाइनिंग से 6,45,200 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई का पानी मिलेगा.खासकर अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे फाजिलका और जलालाबाद इलाकों को बेहतर सप्लाई मिलेगी.समय पर पानी मिलने से फसल पर असर बेहतर होने की उम्मीद है.

क्या साफ पानी का प्रबंध हुआ ?

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ सीमावर्ती गांवों में पहले दूषित पानी की शिकायतें थीं.उन्होंने बताया कि भूजल बढ़ाने और गांवों को साफ पानी देने के लिए वाटर रिचार्ज सिस्टम शुरू किया गया है.उन्होंने सरहिंद फीडर की लाइनिंग का जिक्र भी किया और कहा कि फिरोजपुर फीडर के काम से पानी की कमी का मुद्दा स्थायी तौर पर हल हो सकता है.मुख्यमंत्री के मुताबिक नहर 1952 में बनी थी और 74 साल में पिछली सरकारें क्षमता बढ़ाने या कंक्रीट लाइनिंग में विफल रहीं.इस बयान के बाद राजनीतिक तीखापन भी बढ़ा.मुद्दा विकास के साथ जवाबदेही पर भी आया.

क्या पानी मुद्दे पर सख्ती ?

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पंजाब के पास अतिरिक्त पानी नहीं है.उन्होंने कहा कि पंजाब के हित सबसे ऊपर हैं और किसी राज्य को एक बूंद भी नहीं दी जाएगी.उन्होंने कांग्रेस और अकाली दल पर पानी समझौतों को लेकर हमला किया.अकाली दल पर तंज कसते हुए कहा कि समिति बनाने को 11 लोग नहीं मिल रहे और 117 सीटों के सपने देख रहे हैं.मान ने यह भी दावा किया कि सरकार बनने पर केवल 21 फीसदी नहरी पानी खेतों तक पहुंचता था जो अब 68 फीसदी हो गया है और धान सीजन तक 85 फीसदी का लक्ष्य है.इससे एक तरफ विकास का दावा आया तो दूसरी तरफ सियासी संदेश भी तेज हुआ.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag