पंजाब में नशे के खिलाफ मान सरकार की कार्रवाई तेज, ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान से हुआ लाभ
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब में चल रहा 'युद्ध नशेयां विरुद्ध' अभियान अब जमीन पर साफ नतीजे दिखा रहा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक नशे के खिलाफ कार्रवाई में जबरदस्त तेजी आई है।

नई दिल्ली: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब में चल रहा 'युद्ध नशेयां विरुद्ध' अभियान अब जमीन पर साफ नतीजे दिखा रहा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक नशे के खिलाफ कार्रवाई में जबरदस्त तेजी आई है। बड़े-बड़े तस्करी नेटवर्क टूटे हैं और दोषियों को सजा मिलने की दर भी पहले से काफी बेहतर हुई है।
ताजा आंकड़ों ने सबको किया हैरान
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पंजाब में ताजा आंकड़े बताते हैं कि नशे के खिलाफ कार्रवाई पहले से ज्यादा तेज और असरदार हुई है। 2022 से 2026 तक कुल 73,541 NDPS केस दर्ज किए गए। यह 2017-2021 के 52,255 मामलों से 40% से ज्यादा है। गिरफ्तारियों का ग्राफ भी 68,064 से बढ़कर 98,596 पर पहुंच गया। साफ है कि राज्यभर में तस्करी के नेटवर्क पर लगातार चोट की जा रही है।
हेरोइन सहित कई हानिकारक ड्रग्स भी किए जब्त
जब्ती के आंकड़े अभियान की कामयाबी की गवाही दे रहे हैं। हेरोइन की बरामदगी में 148% की बड़ी छलांग लगी है। 2022 से अब तक 5,979 किलो हेरोइन पकड़ी गई, जबकि 2017-21 में यह मात्रा 2,412 किलो थी। अफीम भी 43% बढ़कर 3,583 किलो जब्त हुई। सिंथेटिक ड्रग्स पर कार्रवाई और कड़ी हुई है।
'आइस' यानी क्रिस्टल मेथ की जब्ती 17 किलो से बढ़कर 93 किलो हो गई, जो 447% का उछाल है। कोकीन 6,064 किलो बरामद हुई, जो पहले के 6,852 किलो के आसपास है। यह मुहिम अब दवाओं के गलत इस्तेमाल तक पहुंच चुकी है। 2022-26 के बीच 8.7 करोड़ नशीली गोलियां और कैप्सूल जब्त किए गए। सरकार की कोशिश साफ है: युवाओं तक नशा पहुंचाने वाली सप्लाई चेन को ही खत्म करना है।
89% तक पहुंची सजा दर
सिर्फ पकड़ना ही नहीं, सजा दिलाना भी पुलिस की प्राथमिकता है। दोषियों को सजा मिलने की दर अब 89% तक पहुंच गई है। यह मजबूत जांच, ठोस सबूत और कोर्ट में बेहतर पैरवी का नतीजा है। केस दर्ज करके फाइल बंद नहीं हो रही, बल्कि अंजाम तक पहुंचाए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि इस अभियान को लेकर DGP गौरव यादव कहते हैं कि यह सिर्फ आंकड़ों की बढ़त नहीं है। नशे से लड़ने का तरीका ही बदला है। ज्यादा केस और जब्ती इंटेलिजेंस आधारित कार्रवाई दिखाते हैं। बढ़ती सजा दर बताती है कि पुलिस और अभियोजन टीम मिलकर काम कर रही है। सप्लायर से डिस्ट्रीब्यूटर तक, पूरी चेन पर दबाव बनाया गया है।
उन्होंने आगे यह भी कहा कि यह निरंतरता मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की साफ रणनीति की वजह से आई है। 'युद्ध नशों विरुद्ध' अब पूरे पंजाब में निर्णायक कार्रवाई का चेहरा बन गया है। सरकार का मकसद साफ है: सिर्फ जब्ती दिखाना नहीं, बल्कि नशा नेटवर्क को तोड़कर इसकी पहुंच खत्म करना है, ताकि असर लंबे समय तक रहे।


