राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए जालंधर तैयार, CM भगवंत मान ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
पंजाब में खेलों के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती देने की दिशा में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार, 19 जुलाई को जालंधर स्थित रायजादा हंसराज स्टेडियम का विशेष दौरा किया.

जालंधर: पंजाब में खेलों के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती देने की दिशा में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार, 19 जुलाई को जालंधर स्थित रायजादा हंसराज स्टेडियम का विशेष दौरा किया. इस दौरान उन्होंने आगामी दिसंबर 2026 में आयोजित होने वाली सब-जूनियर (अंडर-13) राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप की तैयारियों की बारीकी से समीक्षा की.
बैडमिंटन इंफ्रास्ट्रक्चर की बड़ी सौगात
इस ऐतिहासिक स्टेडियम के विकास के लिए मुख्यमंत्री ने 2.14 करोड़ रुपये की अनुदान राशि का चेक जालंधर के डिप्टी कमिश्नर वरजीत सिंह वालिया और पंजाब बैडमिंटन एसोसिएशन के सचिव रितिन खन्ना को सौंपा. इस बजट का उपयोग स्टेडियम में विश्व स्तरीय सुविधाओं वाले नए इनडोर बैडमिंटन हॉल के निर्माण के लिए किया जाएगा.
प्रोजेक्ट की मुख्य बिंदुएं
- जालंधर के मैदान पर लगभग 44 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद किसी राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप का आयोजन होने जा रहा है.
- वर्तमान में मौजूद चार आउटडोर मल्टीपर्पज कोर्ट्स को मॉडर्न इनडोर बैडमिंटन कोर्ट्स में तब्दील किया जाएगा. इस विस्तार के बाद स्टेडियम में कुल 10 इनडोर कोर्ट्स हो जाएंगे, जिससे यह पंजाब का सबसे बड़ा इनडोर बैडमिंटन कॉम्प्लेक्स बन जाएगा.
- परियोजना की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंपी गई है. टेंडर जारी होने के बाद अगस्त 2026 से निर्माण काम शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है.
- रायजादा हंसराज स्टेडियम का दौरा करने वाले भगवंत सिंह मान बीते लगभग छह दशकों में पहले ऐसे मौजूदा मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने खुद यहां पहुंचकर खिलाड़ियों और प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात की.
खेलों की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत
मुख्यमंत्री मान ने अपने संबोधन के दौरान पंजाब के गौरवशाली खेल इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य की मिट्टी का खेलों से गहरा जुड़ाव रहा है. उन्होंने सिख गुरु साहिबान के योगदान को याद करते हुए स्पष्ट किया कि हमारे पूजनीय सिख गुरुओं ने शारीरिक स्वास्थ्य और खेल गतिविधियों को सदैव प्रोत्साहन दिया. श्री गुरु अंगद देव जी ने खडूर साहिब में 'मल्ल अखाड़ा' स्थापित कर युवाओं के प्रशिक्षण की नींव रखी. वहीं श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी ने घुड़सवारी व तीरंदाजी की परंपरा को बढ़ाया और दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी खुद हर मार्शल आर्ट में निपुण थे. आज भी श्री आनंदपुर साहिब में होला महल्ला के अवसर पर यह पारंपरिक खेल कौशल स्पष्ट दिखाई देता है.
युवाओं और एथलीटों के लिए नया अध्याय
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की यह पहल राज्य के युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक और अनुशासित दिशा देने के लिए एक ठोस कदम है. अत्याधुनिक इनडोर सुविधाएं मिलने से स्थानीय और राज्य स्तरीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण मिल सकेगा. इससे भविष्य में पंजाब राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिताओं के बड़े आयोजनों के लिए उत्तर भारत के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा.


