जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त बनाने के लिए पुलिस ने एक अनोखा और तकनीकी कदम उठाया है. अब कार्ड की जगह क्यूआर कोड जारी किए जा रहे हैं. पहाड़ी इलाकों में काम करने वाले लोगों, टैक्सी ड्राइवरों, पोनी हैंडलर और घुमंतू व्यक्तियों को यह क्यूआर कोड आईकार्ड की तरह लटकाना होगा. इसे स्कैन करते ही व्यक्ति की पूरी जानकारी मोबाइल पर आ जाएगी. बीते वर्ष अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा को मजबूत करने के लिए यह पहल की गई है. पुलिस का मानना है कि यह देश का सबसे बड़ा पहचान अभियान है, जिसके तहत 25 हजार लोगों को एक डिजिटल आइडेंटिटी सिस्टम के अंतर्गत लाया जाएगा.
इस क्यूआर कोड को स्कैन करने के बाद व्यक्ति का नाम, पता, फोन नंबर, आधार कार्ड नंबर, पिन कोड और उसका प्रोफेशन सब कुछ तुरंत पता चल जाएगा. इसे गूगल लेंस से भी आसानी से स्कैन किया जा सकता है. पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा 26 लोगों की हत्या के बाद स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के कई कदम उठाए हैं.
स्थानीय पुलिस का कहना है कि यह देश का सबसे बड़ा पहचान अभियान है. इसका उद्देश्य 25 हजार लोगों को एक आइडेंटिटी सिस्टम के तहत लाना है. अब तक पहलगाम के इलाके में लगभग 7 हजार लोगों को क्यूआर कोड जारी किए जा चुके हैं. इसके लिए अप्लाई करने वाले को सबसे पहले वेरिफिकेशन फॉर्म जमा करना होता है. इसके बाद पुलिस उसका पूरा बैकग्राउंड चेक करती है और फिर क्यूआर कोड जारी किया जाता है.
अगर किसी व्यक्ति का कोई आपराधिक रिकॉर्ड है तो उसे क्यूआर कोड जारी नहीं किया जाता. यह क्यूआर कोड ‘खिदमत’ सर्विस सेंटर की मदद से जारी किया जा रहा है. पहलगाम में 17-18 ऐसे पर्यटन स्थल हैं जहां पर्यटक ज्यादा आते हैं. इन इलाकों में रहने वाले लोगों को तेजी से क्यूआर कोड दिए जा रहे हैं. यह क्यूआर कोड न सिर्फ सुरक्षाबलों बल्कि पर्यटक भी स्कैन कर सकते हैं.
बैसरन में आतंकी हमलों के बाद कई स्थानीय लोग आतंकियों से मिलीभगत के शक के दायरे में आए थे. पुलिस ने कम से कम 20 पोनी हैंडलर, गाइड और सामान बेचने वाले लोगों से पूछताछ की थी. बाद में एनआईए ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया था. यहां के एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि पहले पुलिस के वेरिफिकेशन प्रोसेस में कई कमियां थीं. इसीलिए अब क्यूआर कोड का तरीका अपनाया गया है.पहलगाम में करीब 3500 पोनी सर्विस यानी खच्चर वाले हैं. इसके अलावा सामान बेचने वाले, फोटोग्राफर और फ्रीलांस गाइड भी शामिल हैं. First Updated : Sunday, 19 April 2026