महंगाई का तूफान आने वाला? Rahul Gandhi की बड़ी चेतावनी

राहुल गांधी ने चेतावनी दी कि कमजोर रुपये और बढ़ती ईंधन कीमतों के कारण देश में महंगाई की नई लहर आ सकती है, जिसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को देश की अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता जताते हुए आगाह किया कि भारत एक नई महंगाई की लहर की ओर बढ़ सकता है. उन्होंने इसके पीछे अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव, कमजोर होते रुपये और ईंधन की कीमतों में तेजी को प्रमुख कारण बताया.

राहुल गांधी ने क्या कहा?

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि डॉलर के मुकाबले रुपये का लगातार कमजोर होना और 100 के स्तर की ओर बढ़ना, साथ ही औद्योगिक ईंधन की कीमतों में उछाल, आने वाली महंगाई के स्पष्ट संकेत हैं. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब रुपया हाल ही में डॉलर के मुकाबले 93.53 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया. इस गिरावट की बड़ी वजह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक निवेशकों के बीच बढ़ती अनिश्चितता को माना जा रहा है.

उन्होंने कहा कि इसका असर सीधे आम जनता पर पड़ेगा. उनके मुताबिक, उत्पादन और परिवहन की लागत बढ़ेगी, जिससे रोजमर्रा की वस्तुएं महंगी होंगी. खास तौर पर छोटे और मध्यम उद्योगों पर इसका सबसे अधिक दबाव पड़ेगा. इसके अलावा विदेशी निवेशकों के पैसे के तेजी से बाहर निकलने की आशंका भी जताई गई, जिससे शेयर बाजार पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है.

राहुल गांधी ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है, खासकर चुनावों के बाद. उन्होंने पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि फिलहाल कीमतों को नियंत्रित रखा जा सकता है, लेकिन यह स्थिति ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी.

केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार के पास कोई ठोस रणनीति नहीं है. उनके अनुसार, सरकार केवल आश्वासन दे रही है, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति चिंताजनक बनी हुई है.

ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता 

इस बीच पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति को लेकर भी चिंता बढ़ी है. एलपीजी की उपलब्धता को लेकर कई जगहों पर दिक्कतें सामने आ रही हैं, और कुछ इलाकों में लंबी कतारों की खबरें भी आई हैं. केरल में तो स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कई होटल और रेस्तरां को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा.

हालांकि, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने रुपये की गिरावट के पीछे वैश्विक कारणों को जिम्मेदार बताया. उनका कहना है कि यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय दबावों का नतीजा है और इसे पूरी तरह से सरकार की नीतियों से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए.

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