पीएम मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति से की बात, ईद की दी बधाई, शांति बनाए रखने का किया आह्वान
पीएम मोदी ने शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेज़ेश्कियन से टेलीफोन पर बातचीत की. इस दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने का आह्वान किया.

पीएम मोदी ने शनिवार को मसूद पेज़ेश्कियन से टेलीफोन पर बातचीत कर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच शांति और स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया. ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी टकराव के कारण क्षेत्र की स्थिति लगातार संवेदनशील बनी हुई है. बीते कुछ दिनों में यह दूसरी बार है जब दोनों नेताओं के बीच सीधी बातचीत हुई है, जिससे हालात की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है.
पीएम ने X पर जानकारी की साझा
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं न केवल क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा हैं, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन पर भी नकारात्मक असर डाल रही हैं. बातचीत के दौरान उन्होंने ईरानी राष्ट्रपति को ईद और नवरोज के अवसर पर शुभकामनाएं भी दीं, जो दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को भी दर्शाता है.
Spoke with President Dr. Masoud Pezeshkian and conveyed Eid and Nowruz greetings. We expressed hope that this festive season brings peace, stability and prosperity to West Asia.
— Narendra Modi (@narendramodi) March 21, 2026
Condemned attacks on critical infrastructure in the region, which threaten regional stability and…
मोदी ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखना बेहद जरूरी है. उन्होंने यह भी दोहराया कि सभी शिपिंग लेन सुरक्षित और खुली रहनी चाहिए, ताकि वैश्विक व्यापार बाधित न हो. इसके साथ ही, उन्होंने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में तेहरान के सहयोग की सराहना की.
कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय भारत
पश्चिम एशिया में जारी तनाव को देखते हुए भारत लगातार कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय है. हमदान बिन ईसा अल खलीफा सहित कई वैश्विक नेताओं से प्रधानमंत्री मोदी लगातार संपर्क में हैं. उन्होंने तमीम बिन हमद अल थानी, अब्दुल्ला द्वितीय और इमैनुएल मैक्रोन से भी बातचीत कर क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की है.
भारत का रुख स्पष्ट रहा है कि किसी भी संघर्ष का समाधान सैन्य कार्रवाई के बजाय संवाद और कूटनीति के जरिए निकाला जाना चाहिए. भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की है. साथ ही, यह भी कहा गया है कि वैश्विक स्थिरता के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को निर्बाध रूप से खुला रखना आवश्यक है.
दूसरी ओर, अमेरिका और इज़राइल ने संकेत दिए हैं कि ईरान के खिलाफ सैन्य दबाव और बढ़ सकता है. वहीं, ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि वह किसी भी दबाव के आगे झुकेगा नहीं. इस पूरे घटनाक्रम के बीच भारत संतुलित और कूटनीतिक भूमिका निभाते हुए शांति स्थापित करने की दिशा में प्रयासरत है.


