अलवर की AC फैक्ट्री बनी आग का गोला... 5 घंटे बाद भी आग पर काबू नहीं, कई किलोमीटर दूर दिखीं लपटें

अलवर के नीमराणा स्थित एसी फैक्ट्री में तड़के भीषण आग लग गई, जिसने पूरी यूनिट को चपेट में ले लिया. कई घंटों की मशक्कत के बाद भी आग पर काबू नहीं पाया गया, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई.

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अलवर: राजस्थान के अलवर जिले के नीमराणा औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार तड़के एक भीषण आग ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी मचा दी. घीलोठ इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित एसी बनाने वाली कंपनी में लगी इस आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दूर-दूर तक आसमान में काला धुआं और आग की चमक दिखाई दे रही थी. रात के सन्नाटे में अचानक भड़की इस आग ने आसपास के लोगों को डरा दिया और हर तरफ हड़कंप मच गया.

बताया जा रहा है कि आग सुबह करीब 3 बजे लगी और देखते ही देखते उसने पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया. फैक्ट्री के अंदर मौजूद प्लास्टिक के पार्ट्स, इलेक्ट्रॉनिक सामान और पैकिंग सामग्री ने आग को तेजी से फैलने में मदद की. आग इतनी भयानक थी कि कुछ ही देर में पूरी बिल्डिंग धधकने लगी.

दमकल विभाग की कड़ी मशक्कत

घटना की सूचना मिलते ही नीमराणा, बहरोड़, घीलोठ और सोतानाला से दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. दमकल कर्मियों ने तुरंत आग बुझाने का काम शुरू किया, लेकिन आग पर काबू पाना आसान नहीं था. अंदर ज्वलनशील सामग्री अधिक होने के कारण आग बार-बार भड़क रही थी और उसे नियंत्रित करने में काफी समय लग रहा था.

धमाकों की आवाज से बढ़ी दहशत

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि आग के दौरान कई बार तेज धमाकों की आवाज भी सुनाई दी. माना जा रहा है कि फैक्ट्री में रखे गैस सिलेंडर, कंप्रेसर या अन्य केमिकल कंटेनर गर्मी के कारण फट गए होंगे. इससे आग और तेजी से फैल गई और स्थिति और गंभीर हो गई.

कोई जनहानि नहीं

पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी तुरंत मौके पर पहुंचे और आसपास के इलाके को खाली करवाया गया. राहत की बात यह रही कि घटना देर रात हुई, जब फैक्ट्री में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था. इसी वजह से इस हादसे में किसी के घायल या हताहत होने की खबर नहीं है.

घंटों बाद भी पूरी तरह काबू नहीं

दमकल विभाग की टीम लगातार कई घंटों तक आग बुझाने में जुटी रही, लेकिन लंबे समय तक आग पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पाई. इस दौरान फैक्ट्री का बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो गया. प्राथमिक अनुमान के अनुसार लाखों रुपये की मशीनरी और सामान नष्ट हो गया है, जिससे कंपनी को भारी नुकसान हुआ है.

फिलहाल आग लगने के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है. प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और तकनीकी टीम को भी बुलाया जा रहा है. शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट, मशीनों में खराबी या सुरक्षा मानकों की कमी जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है.

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है. उनका कहना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घटना स्थल से दूर रहें.

यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर और ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके. First Updated : Tuesday, 24 March 2026