6 लाख कैश, 22 चेकबुक और 16 ATM कार्ड… जयपुर में साइबर ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
जयपुर पुलिस ने ऑपरेशन म्यूल हंटर के तहत करोड़ों रुपये की साइबर ठगी से जुड़े एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपी के पास से नकदी, एटीएम कार्ड और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए हैं.

जयपुर: देशभर में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के बीच जयपुर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी से जुड़े एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से फर्जी बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन के जरिए लोगों को निशाना बना रहा था. पुलिस का दावा है कि आरोपी का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था और जांच में उससे जुड़े कई अहम सुराग भी हाथ लगे हैं. जयपुर पुलिस ने 'ऑपरेशन म्यूल हंटर' के तहत इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया.
पुलिस ने कुख्यात साइबर ठग अक्षय कुमार मीणा को गिरफ्तार किया है, जिसके खिलाफ अलग-अलग राज्यों में कई शिकायतें दर्ज हैं. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी लंबे समय से ऑनलाइन ठगी के मामलों में सक्रिय था. वह फर्जी पहचान और बैंक खातों का इस्तेमाल कर लोगों से पैसे ऐंठने का काम करता था. शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी पर करीब पांच करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने के आरोप हैं.
कई राज्यों में दर्ज हैं शिकायतें
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में 13 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हैं. अलग-अलग राज्यों की पुलिस और साइबर सेल उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थीं. पुलिस का कहना है कि आरोपी बेहद चालाक तरीके से काम करता था. वह डिजिटल प्लेटफॉर्म और बैंकिंग सिस्टम का गलत इस्तेमाल कर ठगी के पैसों को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करता था, ताकि किसी को उस पर शक न हो.
छापेमारी में मिला भारी सामान
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से कई संदिग्ध सामान बरामद किए हैं. इनमें करीब 6 लाख रुपये नकद, 22 चेक बुक और 16 एटीएम कार्ड शामिल हैं. पुलिस को शक है कि इन बैंक दस्तावेजों और कार्डों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जा रहा था. बरामद सामग्री से यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी का नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है और इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं.
बैंक खातों और ट्रांजेक्शन की जांच जारी
शिप्रापथ थाना पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है. अधिकारियों की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में था और ठगी के पैसे कहां-कहां ट्रांसफर किए गए. इसके अलावा पुलिस बरामद बैंक खातों, एटीएम कार्ड और डिजिटल ट्रांजेक्शन की भी जांच कर रही है. जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी ने किन माध्यमों से लोगों को ठगी का शिकार बनाया.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश की जा रही है. ऑपरेशन म्यूल हंटर के तहत पुलिस आगे भी ऐसे साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी. अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि वे ऑनलाइन लेनदेन करते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध लिंक या कॉल पर भरोसा न करें.


