तमिलनाडु में बढ़ी सियासी हलचल, विजय सरकार ने ज्योतिषी राधन पंडित को OSD पद से हटाया

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपने करीबी ज्योतिषी राधन पंडित वेट्रिवेल को सरकारी पद से हटा दिया है. इस फैसले के पीछे सहयोगी दलों का विरोध और बढ़ता राजनीतिक विवाद बड़ी वजह माना जा रहा है.

Shraddha Mishra

तमिलनाडु: मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपने करीबी माने जाने वाले ज्योतिषी राधन पंडित वेट्रिवेल को सरकारी पद से हटा दिया. इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चाओं का दौर तेज हो गया. खास बात यह है कि राधन पंडित को विजय की जीत का बड़ा भविष्यवक्ता माना जाता था और उनकी नियुक्ति को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा था. अब अचानक उन्हें पद से हटा दिया गया हैं.

तमिलनाडु सरकार की ओर से जारी आदेश में साफ कहा गया कि राधन पंडित वेट्रिवेल को मुख्यमंत्री के ओएस (राजनीतिक) पद से तत्काल प्रभाव से हटाया जाता है. यह आदेश सामने आते ही राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गईं. माना जा रहा है कि सरकार यह संदेश देना चाहती है कि प्रशासनिक फैसलों में किसी भी तरह का विवाद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

सहयोगी दलों के विरोध के बाद बढ़ा दबाव

जानकारी के मुताबिक, राधन पंडित को मुख्यमंत्री विजय के स्टाफ में शामिल किए जाने के बाद से ही विपक्ष के साथ-साथ सहयोगी दलों ने भी सवाल उठाने शुरू कर दिए थे. खासकर विजय की सहयोगी पार्टी विदुथलाई चिरुथाइगल काची ने इस नियुक्ति का खुलकर विरोध किया था. यह वही पार्टी है जिसने सरकार बनाने में टीवीके का समर्थन किया था. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सहयोगी दलों के दबाव के कारण सरकार को यह फैसला लेना पड़ा. गठबंधन की राजनीति में छोटे दलों की नाराजगी सरकार के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती थी, इसलिए विजय ने विवाद बढ़ने से पहले ही कदम उठा लिया.

विजय की जीत की भविष्यवाणी से चर्चा में आए थे राधन पंडित

राधन पंडित वेट्रिवेल लंबे समय से ज्योतिष और अंकशास्त्र के क्षेत्र में सक्रिय हैं. बताया जाता है कि उन्हें इस क्षेत्र में करीब 40 वर्षों का अनुभव है. उन्होंने चुनाव से पहले दावा किया था कि अभिनेता से नेता बने विजय राजनीति में बड़ी जीत हासिल करेंगे. उनके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिनमें वह विजय के नाम की “सुनामी” आने की बात कहते नजर आए थे. चुनाव नतीजों के बाद जब टीवीके को बड़ी सफलता मिली, तब राधन पंडित अचानक चर्चा के केंद्र में आ गए थे.

टीवीके नेता सीटी निर्मल कुमार के एक बयान ने भी इस पूरे मामले को और ज्यादा सुर्खियों में ला दिया. उन्होंने दावा किया था कि विजय ने राधन पंडित की सलाह पर अपने शपथ ग्रहण समारोह की तारीख में बदलाव किया था. इसके बाद विपक्ष ने सरकार पर अंधविश्वास को बढ़ावा देने का आरोप लगाया. हालांकि, सरकार की ओर से इस मामले पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई थी, लेकिन विवाद लगातार बढ़ता जा रहा था.

जयललिता से भी जुड़ चुका है नाम

राधन पंडित का नाम तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री और एआईएडीएमके नेता जयललिता के साथ भी जुड़ चुका है. खबरों के अनुसार, वह पहले भी कई बड़े नेताओं को ज्योतिषीय सलाह दे चुके हैं. उन्होंने एम.के. स्टालिन को लेकर भी भविष्यवाणी की थी कि उनके लिए समय कठिन हो सकता है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो