NEET पेपर लीक का नया खुलासा! छात्रों से लाखों पैसे लेकर स्कैन कॉपी की गई वायरल
NEET परीक्षा का लीक हुआ पेपर 10 राज्यों में बेचा गया था. इनमें राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली, केरल और उत्तराखंड जैसे राज्य शामिल हैं.

नई दिल्ली: राजस्थान स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की एक जांच से पता चला है कि NEET परीक्षा का लीक हुआ पेपर 10 राज्यों में बेचा गया था. इनमें राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली, केरल और उत्तराखंड जैसे राज्य शामिल हैं. SOG ने अभी तक इसमें शामिल सभी राज्यों के नामों का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया है. SOG के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने पुष्टि की कि परीक्षा से दो से तीन सप्ताह पहले ही यह पेपर एग्जाम माफिया के हाथों में पहुंच गया था.
पेपर सीकर में ई-मित्र ऑपरेटरों तक पहुंचा
लीक हुआ पेपर सीकर में ई-मित्र (ई-सेवा केंद्र) ऑपरेटरों तक पहुंच गया था. जांच में इस रैकेट में कोचिंग संस्थान चलाने वालों और एक करियर काउंसलर की संलिप्तता का भी खुलासा हुआ है. SOG द्वारा जयपुर, सीकर और गुरुग्राम सहित विभिन्न शहरों से गिरफ्तार किए गए आरोपियों में जयपुर जिले के जमवारामगढ़ के दो भाई भी शामिल हैं, दिनेश बिनवाल और मांगीलाल.
CBI को सौंपी गई रिपोर्ट में क्या पता चला
दोनों भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े हुए हैं. दिनेश जयपुर जिला BJP के पूर्व पदाधिकारी हैं और स्थानीय BJP विधायक महेंद्र मीणा के करीबी माने जाते हैं. सूत्रों के अनुसार SOG द्वारा CBI को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि NEET का पेपर नासिक के एक प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ था और उसके बाद गुरुग्राम के खुरमपुर गांव में रहने वाले MBBS के छात्र यश यादव तक पहुंचा.
पूरा सिंडिकेट CBI की रडार पर
यश ने लीक हुआ पेपर राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों के लोगों को बेचा. मांगीलाल और दिनेश बिनवाल ने 27 अप्रैल को यश से यह पेपर 30 लाख में खरीदा. इसके बाद दिनेश ने वह पेपर अपने बेटे ऋषि को दे दिया, जो सीकर के एक निजी कोचिंग संस्थान में पढ़ाई कर रहा था और फिर खुद सीकर चला गया जहां 29 अप्रैल को उसने कई लोगों को पेपर की कॉपियां 2 लाख से 5 लाख तक की कीमतों में बेचीं.
सोशल मीडिया के जरिए भेजा गया पेपर
ऋषि ने सोशल मीडिया के जरिए वह पेपर अपने एक दोस्त को भेज दिया जो इस समय केरल में MBBS की पढ़ाई कर रहा है. 2 मई की देर रात इस दोस्त ने वह पेपर अपने पिता को भेज दिया जो सीकर में एक हॉस्टल चलाते हैं. जांच और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ में पता चला कि 2 मई को लीक हुआ पेपर सीकर के दो कोचिंग इंस्टीट्यूट चलाने वालों के साथ-साथ राकेश मंडावरिया नाम के एक करियर काउंसलर तक पहुंच गया था.
छात्रों को गेस पेपर बेचते समय उसने उन्हें भरोसा दिलाया था कि NEET परीक्षा में 99.99 प्रतिशत सवाल उन्हीं गेस पेपरों जैसे ही होंगे और ठीक वैसा ही हुआ भी. ऋषि ने अपने साथी छात्रों को भरोसा दिलाया था कि वह उनके लिए असली NEET पेपर लगभग तीन हफ्ते पहले ही हासिल कर लेगा. अब यह पता लगाने के लिए जाँच चल रही है कि क्या दिनेश और मांगीलाल के पेपर-लीक करने वाले गिरोहों के साथ पहले से कोई संबंध थे.
मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे हैं परिवार के चारों छात्र
दिनेश और मांगीलाल के परिवारों के चार बच्चों का, जिन्हें पेपर-लीक घोटाले के सिलसिले में हिरासत में लिया गया है उनका 2024 में NEET के लिए चयन हुआ था. उनमें से मांगीलाल का बेटा विकास सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहा है जबकि उसकी बेटी प्रगति दौसा मेडिकल कॉलेज में है.
इसके अलावा सानिया उनके दिवंगत भाई घनश्याम की बेटी मुंबई के एक मेडिकल कॉलेज में पढ़ रही है और उसका बेटा दिव्य जयपुर के SMS मेडिकल कॉलेज में है. अब जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि एक ही परिवार के चार बच्चों का एक ही साल में एक साथ चयन होना कैसे संभव हो सका. दिनेश की पत्नी रजनी और उसकी मां प्रभुदेवी ने कहा है कि इस मामले में लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है.


